भारतीय टीम (Team India) के तेज गेंदबाज मोहम्‍मद शमी (Mohammad Shami) का कहना है कि करियर के शुरुआती दिनों में उनके पास रिवर्स स्विंग गेंदबाजी कराने को लेकर ज्‍यादा कोई आइडिया नहीं था. रिवर्स स्विंग सीखने के लिए उन्‍हें काफी मेहनत करनी पड़ी. Also Read - जो रूट ने कोहली की तारीफ में पढ़े कसीदे, कहा-असाधारण प्रतिभा के धनी हैं कोहली

न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस को दिए इंटरव्‍यू के दौरान मोहम्‍मद शमी (Mohammad Shami) ने कहा, “जब आप लगातार खेलने रहते हैं तो साथ में प्रक्रियाओं को भी सीखते हैं. यह केवल एक प्रक्रिया के बाद दूसरी प्रक्रिया सीखने की बात है. जब आप एक ट्रिक को सीखकर उसके मास्‍टर बन जाते हो तो फिर दूसरी चीजें सीखने लगते हो. शुरुआत में मुझे रिवर्स स्विंग के बारे में ज्‍यादा कोई जानकारी नहीं थी.” Also Read - KXIP vs DC: पूरन-गेल ने खेली तूफानी पारी, इस तरह अंतिम ओवरों में पंजाब ने जीता मुकाबला

मोहम्‍मद शमी (Mohammad Shami) ने कहा, “धीरे-धीरे मुझे समझ आया कि रिवर्स स्विंग की क्‍या प्रक्रियाएं होती हैं और आज के समय में एक तेज गेंदबाज के लिए रिवर्स स्विंग सीखना कितना जरूरी है. आप हर चीज जन्‍म के साथ नहीं सीखे होते हो लिहाजा मैंने इसे सीखना शुरू किया. सच कहूं तो इसे सीखने में मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी थी.” Also Read - शिखर धवन ने अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में पूरे किए 10 साल, फैन्‍स के साथ इस तरह शेयर की स्‍पेशल मूमेंट की खुशी

शमी ने बताया कि मैच के दौरान उनका फोकस तेज गेंदबाजी से ज्‍यादा स्विंग और सीम पर रहता है. “मेरी कोशिश रहती है कि गति 140 किलोमीटर प्रतिघंटे से नीचे न जाए. मेरा फोकस हमेशा सीम और स्विंग पर ही रहता है. मेरी कोशिश रहती है कि यह दोनों चीजें हमेशा परफेक्‍ट रहें.”