नई दिल्ली : भारत के ‘स्ट्रेंथ एवं कडिंशनिंग’ कोच शंकर बासु मानते हैं कि टीम से जुड़ने के बाद मोहम्मद शमी का चोटों से मुक्त रहकर फिट रहना उनके लिये सबसे बड़ी उपलब्धि है. विराट कोहली की फिटनेस को देखकर निश्चित रूप से कोई भी कोच खुश होगा. 50 साल का यह कोच इस बात से संतुष्ट है कि चोटों से मुक्त शमी और केदार जाधव भी अब फिटनेस के प्रति सचेत हो गये हैं जो पहले कोई उचित फिटनेस ट्रेनिंग नहीं करते थे.

बासु ने कहा, ‘‘कोई भी कोच विराट को देखकर खुश होगा. उसकी सबसे बड़ी चीज यही है कि वह साल के प्रत्येक दिन किसी भी बोरियत भरे व्यायाम को करने को तैयार रहता है. वह अपने शरीर को जानता है और अगर वह ट्रेनिंग कर रहा है तो उसके अपनी दिनचर्या के संबंध में सौ सवाल होंगे. जब उसे जवाब मिल जायेगा तो वह उन्हें गंभीरता से उनका पालन करता है. ’’

शमी पिछले सत्र में चोट की वजह से एक भी टेस्ट मैच में बाहर नहीं हुए. भारत के पूर्व जूनियर धावक से जब पूछा गया कि वह इसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि समझते हैं तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘‘शायद, आप ऐसा कह सकते हो. ’’

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उन्होंने कहा, ‘‘और सोचो, वह पिछले साल फिटनेस टेस्ट में विफल रहा था और उसकी निजी जिंदगी में भी कुछ मुद्दे रहे थे. वापसी करने के बाद उसने शिद्दत से ट्रेनिंग करना शुरू किया. मैंने शमी को कहा था कि 20 दिन के लिये कड़ी ट्रेनिंग करने का कोई फायदा नहीं है.’’ बासु ने कहा, ‘‘आपको लगातार ट्रेनिंग करनी होती है. अब ट्रेनिंग उसकी जीवन शैली बन चुकी है. अब उसकी तेजी देखो, जो पांच मैचों की सीरीज के अंतिम टेस्ट के दिन भी कम नहीं होती.’’