न्यूजीलैंड दौरे के जरिए इंजरी के बाद टीम में वापसी कर रहे भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) के लिए वनडे और टी20 सीरीज खास नहीं रही। पांच टी20 मैचों में जहां बुमराह को केवल 6 विकेट मिले, वहीं तीन वनडे मैचों में उनके हाथ एक भी सफलता नहीं लगी। जिसके बाद से बुमराह को फैंस और समीक्षकों से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन बुमराह के साथी मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) उनके बचाव में आए हैं। Also Read - IPL 2021, MI vs SRH: न्यूजीलैंड के स्टार गेंदबाज Trent Boult ने Jasprit Bumrah को बताया ‘डेथ ओवरों’ का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज

भारतीय तेज गेंदबाज शमी का कहना है कि केवल दो-तीन खराब मैचों के बाद कोई भी बुमराह जैसे गेंदबाज की काबिलियत पर सवाल कैसे उठा सकता है। न्यूजीलैंड इलेवन के खिलाफ खेले जा रहे अभ्यास मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद मीडिया के सामने आए शमी ने कहा, “मैं समझ सकता हूं हम किसी विषय पर (लंबे समय के बाद) चर्चा करें ना कि केवल 2-4 मैचों के बाद। केवल इसलिए कि वो दो मैचों में प्रदर्शन नहीं कर पाया, आप उसके मैच जीतने की क्षमता को अनदेखा नहीं कर सकते।” Also Read - IPL 2021: गलत कोविड रिपोर्ट के कारण आइसोलेशन में गए एनरिक नॉर्खिया दिल्ली कैपिटल्स स्क्वाड से जुड़े

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शमी ने कहा, “बुमराह ने भारत के लिए जो उपलब्धियां हासिल की हैं, आप उन्हें भुला कैसे सकते हैं या फिर अनदेखा भी कैसे कर सकते? इसलिए अगर आप सकारात्मकता के साथ सोंचे तो ये खिलाड़ी और उसके आत्मविश्वास के साथ अच्छा होगा। बतौर खिलाड़ी, ये सब बेहद मुश्किल होता है। बाहर से, गलतियां निकालना आसान है क्योंकि कुछ लोगों का काम है टिप्पणी करना और पैसे कमाना। हर खिलाड़ी चोटिल होता है और उन्हें कोशिश कर सकारात्मक पक्षों को देखना चाहिए ना कि नकारात्मकता पर ध्यान देना चाहिए। मैं भी 2015 में चोटिल हुआ था और फिर मैंने वापसी की।”

याद दिला दें कि 2015 में शमी के घुटने में चोट लगी थी, जिसके लिए उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी थी। लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद शमी ने धमाकेदार वापसी की और इंग्लैंड में आयोजित विश्व कप 2019 के साथ ऑस्ट्रेलिया में हुई टेस्ट सीरीज में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और टीम इंडिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजी अटैक का हिस्सा बने।

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उन्होंने कहा, “लोग अलग तरीके से सोचते हैं और जब आप एक-दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन ना करें तो उनका मत बदल जाता है। इसलिए अपनी तरफ से हमें ज्यादा नहीं सोचना चाहिए। अनुभव का महत्व होता है क्योंकि फिर आप आसानी से नहीं घबराते। आपने कई अलग स्थितियों का सामना किया है और आपको पता है कि क्या करना है। ये अहम है।”

बुमराह और शमी, दोनों ही न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड का हिस्सा हैं। उम्मीद है कि सीनियर इशांत शर्मा के चोटिल होने की स्थिति में ये दो खिलाड़ी पेस अटैका का जिम्मा संभाल सकेंगे।