भारत में भी महिला क्रिकेट अब सुर्खियों में दिखने लगा है. लेकिन टीम को अभी वह रिजल्ट हासिल नहीं हो रहे हैं, जिससे वह तेजी से फैन्स का रुझान अपनी ओर खींच सके. भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज सबा करीम ने महिला क्रिकेट के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए अधिक पेशेवर दृष्टिकोण अपने की बात कही है. साथ ही उन्होंने कहा कि इसकी प्लानिंग पुरुष क्रिकेट से बिल्कुल अलग बनाने की जरूरत है.Also Read - क्रिकेट में आज: 23 साल पहले मिताली ने किया था डेब्‍यू, प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ यूं किया याद

फिलहाल महिला भारतीय टीम मिताली राज के नेतृत्व में इंग्लैंड दौरे पर है. इसके बाद टीम को इस साल सिंतबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी जाना है. भारतीय महिला क्रिकेट के पूर्व प्रमुख करीम ने क्रिकइंफो से कहा, ‘यह अच्छी शुरुआत है लेकिन अभी भी एक ठोक योजना और पुरुष टीम की तुलना में अलग योजना की जरूरत है, जिससे हम इसे तेजी से आगे बढ़ा सकें. Also Read - मिताली राज को पीछे छोड़ T20I में भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनीं हरमनप्रीत कौर

करीम ने कहा, ‘मेरा मानना है कि हमें अधिक पेशेवर होने की जरूरत है और महिला क्रिकेट के विकास के लिए पुरुष क्रिकेट की तुलना में अलग प्लान बनाने की जरूरत है.’ Also Read - सचिन तेंदुलकर, मिताली राज, चेतेश्वर पुजारा समेत भारतीय क्रिकेटरों ने ऐसे मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

उन्होंने कहा, ‘बहुत सारे आउटरीच कार्यक्रमों के साथ एक अलग योजना, एक रचनात्मक योजना होनी चाहिए.’ करीम ने कहा कि मिताली, हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और झूलन गोस्वामी ने भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नाम कमाया है. लेकिन भारत में अभी भी बहुत सी लड़कियां इस खेल को नहीं चुन रही हैं.

उन्होंने कहा, ‘भारत में अभी भी कई लड़कियां क्रिकेट नहीं खेल रही हैं. किसी को यह सुनिश्चित करना होगा कि सिस्टम में प्रवेश करने से उनके बाहर निकलने के समय तक उनका मार्ग बिना किसी बाधा के रहे.’

(इनपुट : आईएएनएस)