नई दिल्ली : राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गुरुवार को हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैच में महेंद्र सिंह धोनी का अम्पायर के साथ विवाद हुआ जिसे लेकर पूर्व खिलाड़ियों ने नाराजगी जाहिर की है. विवाद के कारण धोनी पर जुर्माना भी लगाया गया और उनकी 50 प्रतिशत मैच फीस काट ली गई.

चेन्नई की पारी के आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर अम्पायर उल्हास गांधे ने बेन स्टोक्स की फुल टॉस गेंद को बीमर मानकर नो बॉल दिया लेकिन तुंरत ही वह इससे मुकर गए. इसके बाद, जडेजा अम्पायर से बात करने लगे. तब तक धोनी सीएसके के डगआउट से उठकर मैदान में आ गए. वह काफी गुस्से में दिख रहे थे. उन्होंने दोनों मैदानी अम्पायरों से बहस भी की, लेकिन दोनों अम्पायर अपने फैसले पर कायम रहे और चेन्नई को नो बॉल नहीं मिली. हालांकि, चेन्नई यह मैच चार विकेट से जीतने में कामयाब रहा.

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इंग्लैंड के कप्तान माइकल वॉन ने ट्वीट किया, “यह क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है. एक कप्तान को डगआउट से बाहर आकर पिच पर नहीं पहुंचना चाहिए.”

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर माइकल स्लेटर ने कहा, “मैं नहीं कह सकता कि मैंने ऐसा होते हुए पहले कभी देखा है. आप कभी भी कप्तान को पिच पर आकर अम्पायर से चर्चा करते हुए नहीं देखेंगे. अविश्वसनीय.”

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पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने भी स्लेटर की बातों को दोहराते हुए कहा, “उनके पास चौथे अम्पायर और मैच रैफरी से बात करने का पूरा अधिकार है, लेकिन मैच के बीच में इस तरह से मैदान पर आना सही नहीं है. आपके साथ गलत हुआ है, यह सोचकर आप वो चीजें नहीं कर सकते जिसकी आपको आज्ञा न हो.”