नई दिल्ली: महेंद्र सिंह धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की श्रृंखला के दूसरे मैच में 10000 रन के आंकड़े को पार किया. वहीं दूसरी तरफ उन्हें भारत की 86 रन की हार के दौरान धीमी बल्लेबाजी के लिए भारतीय समर्थकों की हूटिंग का सामना करना पड़ा. इंग्लैंड के 323 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 50 ओवर में 236 रन ही बना सका और इस दौरान 58 गेंद में 37 रन की पारी खेलने के लिए धोनी की आलोचना हुई. Also Read - राजस्थान में थे MS Dhoni, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

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इंग्लैंड के जो रूट को यह ‘हैरानी भरा’ लगा लेकिन भारत के युजवेंद्र चहल ने कहा कि उन्हें हूटिंग की घटना की जानकारी नहीं है. पारी के 46वें ओवर की शुरुआत से पहले भारत की हार लगभग तय हो गई थी क्योंकि टीम को 30 गेंद में 110 रन की जरूरत थी. Also Read - IPL से पहले मां का आशीर्वाद लेने देवरी मंदिर पहुंचे MS Dhoni, तस्वीरें वायरल

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डेविड विली के ओवर में हालांकि जब धोनी पहली चार गेंद पर रन बनाने में नाकाम रहे तो दर्शक के धैर्य का बांध टूट गया. इसके बाद प्रत्येक खाली गेंद पर हूटिंग हुई जो धोनी के प्रशंसकों की संख्या को देखते आम बात नहीं है. इस ओवर के अंत में शार्दुल ठाकुर और अक्षर पटेल एनर्जी ड्रिंक और दूसरा बल्ला लेकर आए, जिस पर कमेंटेटरों ने कहा कि यह धोनी को रन गति बढ़ाने का संदेश है. अगले ओवर की पहली गेंद पर धोनी कैच देकर पवेलियन लौट गए.

चहल ने हालांकि कहा कि धोनी को कोई संदेश नहीं दिया गया था. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि उसे क्या संदेश दिया गया. हार्दिक के आउट होने के बाद मैं, सिद्धार्थ कौल, उमेश यादव और कुलदीप ही बचे थे. इसलिए ऐसा नहीं था कि दो-तीन विशेषज्ञ बल्लेबाज बचे थे.’’

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उन्होंने कहा, ‘‘उसे बल्लेबाजी का काफी मौका नहीं मिला था इसलिए यह विकेट पर टिकने का मौका था. अगर वह बड़ा शाट मारने की कोशिश में पहले आउट हो जाता तो शायद हम 50 ओवर भी नहीं खेल पाते.’’

इससे इंग्लैंड की टीम को कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन रूट इससे थोड़े हैरान थे. उन्होंने कहा, ‘‘हां (यह हैरानी भरा था). लेकिन हमारा इससे कोई लेना देना नहीं है. हम पेशेवर रवैया अपनाना चाहते थे और कोई मौका नहीं देना चाहते थे. हम खेल के अंत में भारत को आउट करके उन्हें हराने में सफल रहे. इसलिए हमारा ध्यान अपने खेल पर है और मैच के अंत में खुद को मजबूत स्थिति में रखना चाहते हैं.’’