बर्मिंघम: महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को बांग्लादेश के खिलाफ विश्व कप मुकाबले में महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी में कुछ भी चीज गलत नहीं लगी, जबकि उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में पूर्व भारतीय कप्तान की धीमी पारी की आलोचना की थी. तेंदुलकर की ताजा राय कुछ दिन पहले पूर्व कप्तान की आलोचना से काफी अलग है जब उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ इसी तरह की पारी के लिए उनकी इच्छाशक्ति की कमी पर सवाल उठाए थे. Also Read - IPL 2021: MS धोनी और CSK के साथ वापसी करना शानदार लगता है: Suresh Raina

धोनी ने बांग्लादेश के खिलाफ यहां मंगलवार को अंत में 33 गेंद में 35 रन बनाए, जिससे अंतिम 10 ओवरों में भारत ने केवल 63 रन जुटाए. प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उनकी धीमी पारी की आलोचना की, लेकिन तेंदुलकर ने कहा कि यह भारत के लिए अहम पारी थी. Also Read - टीम का मार्गदर्शन करने के लिए ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करें महेंद्र सिंह धोनी: सुनील गावस्कर

तेंदुलकर ने एक मैगजीन से कहा, मुझे लगता है कि यह अहम पारी थी और उसने वही किया जो टीम के लिए सही था. अगर वह 50वें ओवर तक क्रीज पर रहता है तो वह उसके साथ खेल रहे दूसरे खिलाड़ी की मदद कर सकता है. उससे ऐसा करने की उम्मीद थी और उसने वही किया. Also Read - IPL 2021: पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा- कप्तान की भूमिका में सहज नजर आए रिषभ पंत

भारत ने बांग्लादेश पर 28 रन की जीत से विश्व कप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया और तेंदुलकर ने धोनी की टीम के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा की. तेंदुलकर ने कहा, उसके लिए यह टीम के प्रति प्रतिबद्धता है. जो भी समय की जरूरत होगी, उसे ऐसा ही करना चाहिए और मंगलवार को उसने ऐसा ही किया.

बता दें कि तेंदुलकर ने साउथम्पटन में अफगानिस्तान पर 11 रन की जीत के दौरान भारत के प्रदर्शन पर निराशा व्यक्त की थी. उन्होंने कहा था कि धोनी और केदार जाधव के बीच सकारात्मक इच्छाशक्ति की कमी दिखी थी.

सचिन ने कहा था, मुझे थोड़ी निराशा हुई, यह थोड़ा बेहतर हो सकता था. मैं केदार और धोनी के बीच भागीदारी से खुश नहीं था, यह बहुत धीमी थी. हमने 34 ओवर तक स्पिनरों के खिलाफ बल्लेबाजी की और 119 रन जुटाए. उन्होंने कहा था, हम इस दौरान बिलकुल भी सहज नहीं दिखे. इसमें सकारात्मक इच्छाशक्ति की कमी थी.