अगर भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाले कप्तानों की बात करें तो महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) अपने सीनियर खिलाड़ियों से कहीं आगे हैं। हालांकि पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह (Maninder Singh) का कहना है कि अगर कपिल देव (Kapil Dev) और सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ना होते को धोनी और उनकी टीम को ‘जीत का विश्वास’ नहीं मिल पाता। Also Read - KXIP vs RCB: अजीत अगरकर ने विराट के निर्णयों उठाए सवाल, बोले- कभी रेस में ही नहीं थे...

हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि कपिल देव ने 1983 में विश्व कप जीतकर भारतीय खिलाड़ियों में बड़े खिताब जीतने का विश्वास जगाया था। वहीं गागुंली ने अपने आक्रामक रैवेए से टीम इंडिया को ये यकीन दिलाया था कि वो भी विदेशी जमीन पर जीत हासिल कर सकते हैं। Also Read - IPL 2020: चेन्नई सुपर किंग्स का साथ छोड़ माता के दरबार पहुंचे सुरेश रैना; देखें तस्वीरें

पूर्व स्पिन गेंदबाज ने कहा, “धोनी खुशकिस्मत था कि कपिल ने 1983 में विश्व कप जीता था, फिर धोनी खुशकिस्मत था क्योंक गांगुली उससे पहले कप्तान थे, जिन्होंने हमें विश्वास दिलाया कि हम किसी भी स्थिति में, किसी भी टीम को हरा सकते हैं।” Also Read - IPL 2020 में वापसी नहीं करेंगे सुरेश रैना! CSK सीईओ ने कहा- उनके फैसले का सम्मान करें

तीनों में से अपना पसंदीदा कप्तान चुनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कपिल और धोनी बराबरी पर हैं लेकिन गांगुली उनके लिए सर्वश्रेष्ठ कप्तान हैं।

उन्होंने कहा, “जब कपिल देव कप्तान थे तो वो विश्वास नहीं था। वर्ना उन दोनों (कपिल और धोनी) की कप्तान शैली, सकारात्मकता और शांत स्वभाव एक जैसा है। मेरे लिए, कपिल और धोनी बराबर हैं। अगर कपिल देव के पास ऐसा कोई होता, जिसने उनसे पहले विश्व कप जीता होता तो वो और महान कप्तान बन सकते थे।”

पूर्व स्पिनर ने आगे कहा, “मुझे गांगुली की कप्तानी बहुत पसंद है। आप देखें कि उसने भारतीय क्रिकेट को क्या क्या दिया है। वो प्रतिभा को सही परखता था। उसने युवराज को ढूंढ निकाला, उसने हरभजन सिंह की वापसी कराई, जब उसे टीम से निकाल दिया गया था।वीरेंदर सहवाग, गौतम गंभीर, आप नाम गिनिए। उसने राहुल द्रविड़ से विकेटकीपिंग कराई। द्रविड़ ने वनडे क्रिकेट में 10,000 रन बनाए। सहवाग मध्यक्रम बल्लेबाज था, गागंली ने उसे दक्षिण अफ्रीका में सलामी बल्लेबाजी करने को कहा।”

उन्होंने कहा, “सहवाग ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘अगर मैं रन नहीं बना पाया तो, मैं ओपनर नहीं हूं, मुझे नहीं पता ये कैसे करना है?’ गांगुली ने उससे कहा ‘मैं तुझे दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच दूंगा, अगर तुम फेल होते हो तो मैं गारंटी देता हूं कि तुम्हे ड्रॉप नहीं किया जाएगा, मैं तुम्हे मध्यक्रम में खिलाऊंगा’। एक लीडर यही करता है।”