टीम इंडिया के सीनियर स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) का कहना है कि राष्ट्रीय टीम और इंडियन प्रीमियर लीग में उनके कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का उनके करियर पर ‘गहरा प्रभाव’ रहा है। साल 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का कॉन्ट्रेक्ट मिलने के बाद अश्विन किसी भी सूरत में धोनी को आकर्षित करना चाहते हैं। Also Read - 'युवा ओपनर पृथ्वी शॉ में है वीरेंद्र सहवाग जैसी क्षमता, किसी भी गेंदबाजी अटैक को कर सकता है ध्वस्त'

अश्विन ने ‘क्रिकबज इन कनवर्सेशन’ पर हर्षा भोगले से कहा, ‘‘आईपीएल और सीएसके ऐसा मंच है जिसे सभी हासिल करना चाहते हैं। मेरे लिए ये पहचान बनाने का जरिया था। धोनी को नहीं पता था कि अश्विन कौन है, (मैथ्यू) हेडन और (मुथैया) मुरलीधरन को नहीं पता था कि अश्विन कौन है। पहली चीज जो मेरे दिमाग में आई वो ये थी कि मैं इन लोगों को दिखाऊंगा कि अश्विन यहां है।’’ Also Read - टीम इंडिया ने World Cup 2019 में खुद को कैसे पहुंचाया नुकसान, टॉम मूडी ने गिनाई कमियां

अश्विन ने मुताबिक धोनी को प्रभावित करने का एकमात्र तरीका उनको नेट पर परेशान करना था। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हेडन, जेकब ओरम और स्टीफन फ्लेमिंग का ध्यान नेट पर उन्हें गेंदबाजी करते हुए खींचा। पहले साल (2008 में) उन्हें मेरा सामना करने में परेशानी हो रही थी लेकिन मैं धोनी का ध्यान नहीं खींच पाया।’’ Also Read - कोविड-19 लॉकडाउन में मिले लंबे ब्रेक से खुश नहीं भारतीय पेसर मोहम्मद शमी, सता रहा ये डर

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी उनसे कभी लंबी बात नहीं हुई। इसके लिए मुझे नेट पर धोनी को आउट करना था। वो मुरलीधरन पर छक्के मार रहा था और मैंने सोचा कि अगर मैं उससे बेहतर गेंदबाजी करूंगा तो मुझे मुरली पर तरजीह मिल सकती है। मैंने चैलेंजर ट्रॉफी के दौरान उसे आउट करके और फिर छोटे बच्चे की तरह जश्न मनाकर उसका ध्यान खींचा।’’

अश्विन ने कहा कि चैंपियंस लीग में विक्टोरिया बुशरेंजर्स के खिलाफ सीएसके के मैच में उन्होंने सुपर ओवर फेंकने की पेशकश की और धोनी ने बिना हिचकिचाहट के गेंद उन्हें थमा दी। अश्विन अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और सुपर ओवर में 23 रन लुटा बैठे। इस ऑफ स्पिनर ने कहा कि धोनी मैच के बाद जब उनके पास से गुजरे तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा, ‘‘तुम्हें कैरम गेंद फेंकनी चाहिए थी।”