नई दिल्‍ली: ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मैच में महेंद्र सिंह धोनी अपने पुराने रंग में दिखे. इस मुकाबले में शतकीय पारी विराट कोहली ने खेली, लेकिन हर पड़ाव पर धोनी की स्‍पष्‍ट छाप दिखी. जल्‍दी विकेट गिरने के बाद रन गति का कम होना, बाउंड्री की चिंता छोड़ एक-एक, दो-दो रन लेकर स्‍कोर को आगे बढ़ाना और फिर अंतिम ओवर में छक्‍का लगाकर टीम को जिताना. इस साल वर्ल्‍ड कप से पहले टीम इंडिया के फैन्‍स के लिए इससे अच्‍छी खबर शायद ही हो. लेकिन लंबे समय से धोनी के खराब फॉर्म को लेकर चिंता जताने वाले एक्‍सपर्ट्स लगता है वर्ल्‍ड कप टीम में धोनी की जगह सुनिश्चित करने को लेकर जल्‍दबाजी में हैं, लेकिन यह जल्‍दबाजी टीम इंडिया की वर्ल्‍ड कप जीतने की उम्‍मीदों को भी कमजोर कर सकती है. Also Read - IPL 2021: DC vs MI- Amit Mishra ने निकाला मुंबई इंडियंस का दम, देखें- इस मैच के रोमांचक पल

Also Read - IPL 2021- Delhi Capitals vs Mumbai Indians: रोहित शर्मा ने टॉस जीता बैटिंग का फैसला, आज दोनों टीमों ने प्लेइंग XI में किए हैं बदलाव

हम ऐसा क्‍यों कह रहे हैं, इसको इन आंकड़ों में समझिए. वनडे की पिछली 25 पारियों में केवल तीन में उनके नाम पर हाफ सेंचुरी दर्ज हैं. इनमें भी दो अर्धशतक उन्‍होंने पिछली दो पारियों में लगाए हैं. इन 25 पारियों में से केवल चार पारियां ऐसी रही हैं जिनमें उनका स्‍ट्राइक रेट 100 से ज्‍यादा है. लेकिन इनमें से केवल दो पारियों में ही वे दोहरे अंकों में पहुंचे हैं. वर्ष 2018 में धोनी ने 20 वनडे मैच खेले. इनमें उन्‍होंने 25 की औसत और 71.42 की स्‍ट्राइक रेट से कुल 275 रन बनाए. बैटिंग एवरेज और स्‍ट्राइक रेट के नजरिए से देखें तो 2004 में अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के बाद से धोनी के लिए 2018 सबसे खराब रहा. Also Read - IPL 2021: Shikhar Dhawan की धमाकेदार पारी से खुश हुए कप्तान Rishabh Pant, कही यह बात

एडिलेड वनडे के बाद सोशल मीडिया पर छाए धोनी, सहवाग-सचिन ने की जमकर तारीफ

अब जरा एडिलेड के दूसरे वनडे में धोनी की बैटिंग के आंकड़ों को देखिए. धोनी भारतीय पारी के 31वें ओवर में बल्‍लेबाजी के लिए आए थे जब दूसरे छोर पर कोहली 68 गेंदों पर 53 रन बना कर खेल रहे थे. अपनी पहली 10 गेंदों पर धोनी का स्‍ट्राइक रेट 40 का था. कोहली जब 44वें ओवर में आउट हुए थे, तब तक धोनी ने 34 गेंद पर 25 रन बनाए थे और कोई बाउंड्री नहीं लगाई थी. इन दोनों बल्‍लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए 78 गेंद में 82 रन की साझेदारी हुई जिसमें धोनी का योगदान 25 रन था. वहीं, कोहली ने इस दौरान 44 गेंद पर 51 रन बनाए. कोहली के आउट होने के बाद भी धोनी बड़े शॉट्स नहीं लगा पा रहे थे. 45वें ओवर में नाथन लियोन की गेंद पर छक्‍का लगाने के बाद भी टीम इंडिया को जीत के लिए पांच ओवर में 44 रन चाहिए थे. इनमें से 25 रन दिनेश कार्तिक ने केवल 14 गेंदों पर ठोंक डाले नहीं तो तो टीम की जीत का रास्‍ता मुश्किल हो सकता था. यहां ध्‍यान देने वाली बात यह भी है कि अंतिम ओवर के छक्‍के के बाद ही धोनी का स्‍ट्राइक रेट 100 से ज्‍यादा हुआ.

धोनी के बल्ले से निकला वो छक्का जिसने एडिलेड का बदल दिया माहौल, देखें VIDEO

धोनी टीम इंडिया के लिए कई मायनों में उपयोगी हैं. कोई संदेह नहीं कि फिलहाल वे दुनिया के नंबर वन विकेटकीपर हैं. वे टीम में जूनियर खिलाडि़यों के लिए मेंटर की भूमिका निभाते हैं. नए गेंदबाजों का मार्गदर्शन करते हैं और नजदीकी मुकाबलों में कप्‍तान विराट कोहली की भी मदद करते हैं. लेकिन इसके साथ वे टीम की बैटिंग ऑर्डर का भी महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा हैं. टीम इंडिया की अच्‍छी किस्‍मत यह रही है कि पिछले दो सालों से शीर्ष तीन बल्‍लेबाजों ने मिड्ल ऑर्डर पर दबाव एकदम कर दिया, लेकिन इसके जारी रहने की गारंटी नहीं हो सकती. विपक्षी टीमें यह जान चुकी हैं कि भारत के खिलाफ मैचों में पहले तीन विकेट जल्‍दी निकाल लें तो मैच जीतना आसान हो सकता है. मौजूदा वनडे सीरीज के पहले मैच में ऑस्‍ट्रेलियाई टीम ने यही रणनीति अपनाई और मैच अपने पक्ष में करने में सफल रही.

धोनी से बैटिंग में हेल्प लेते हैं कोहली, बताया कैसे बनाते हैं मैच जिताने वाला प्लान

यदि ऐसा ही चलता रहा तो वर्ल्‍ड कप में टीम इंडिया के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं. वहीं, धोनी की समस्‍या यह है कि दिनेश कार्तिक और रिषभ पंत टीम में उनकी जगह लेने के लिए तैयार खड़े हैं. टीम इंडिया को वर्ल्‍ड कप से पहले अब केवल 11 वनडे मुकाबले खेलने हैं. अब तक यह माना जा रहा है कि वर्ल्‍ड कप के लिए टीम में धोनी की जगह तय है, लेकिन यदि उनके प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो पिक्‍चर बदल भी सकती है.

चिंता

सुनिश्चित