नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच तीन टी-20 मैचों की सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया. भारत ने तीन टी-20 मैचों की सीरीज पर 3-0 से कब्जा जमा लिया. भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. श्रीलंका ने भारत को 136 रनों का लक्ष्य दिया. श्रीलंका द्वारा दिए लक्ष्य को भारत ने 19.2 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर ही हासिल कर लिया.

मैच के बाद जहां टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी टीम इंडिया प्रेजेंटेशन सेरेमनी में बिज़ी थी, तब पूर्व कप्तान एमएस धोनी श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ थे. धोनी श्रीलंकाई युवा स्पिनर अकिला धनंजया और उपुल थरंगा से कुछ बातचीत करते दिखे. यह भी पढ़ें: वीडियोः जीत के बाद धोनी के घर पहुंचे विराट कोहली, क्यूट जीवा के साथ की जमकर मस्ती

धोनी उन्हें क्या समझा रहे थे ये तो पता नहीं चला, लेकिन कमेंटेटर्स ने कहा कि वह अकिला धनंजय जैसे युवा श्रीलंकाई खिलाड़‍ियों से कह रहे हैं कि परेशान मत हो. अभी युवा हो, आगे बहुत लंबा कॅरियर है. स्किल्‍स पर ध्‍यान दो और अपना खेल बेहतर करो.

बता दें कि पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम को भारत ने पहला झटका उनादकट ने डिकवेला के रूप में दिया, जबकि दूसरा झटका अपनी ही गेंद पर कुसल परेरा को कैच आउट करके वॉशिंगटन सुंदर ने दिया जो अपने करियर का पहला मैच खेल रहे हैं. वहीं, तीसरा विकेट थरंगा का उनादकट ने हासिल किया.

इसके बाद समरविक्रमा और गुणारत्ने ने पारी को संभालने की कोशिश की और 8 ओवर में टीम को 50 रन के पार पहुंचाया. लेकिन इसके बाद गेंदबाजी के लिए आए पांड्या ने समरविक्रमा को दिनेश कार्तिक के हाथों कैच कराकर पवेलियन वापस भेज दिया और बड़ी हो रही साझेदारी पर विराम लगा दिया.

इसके बाद गुणातिलाका (3) को कुलदीप यादव ने बाउंड्री के करीब हार्दिक पंड्या के हाथों कैच करा दिया जबकि अगले ओवर में मोहम्मद सिराज ने कप्तान तिसारा परेरा को रोहित शर्मा के हाथों कैच कराया और श्रीलंका को छठा झटका दिया. वहीं, पंड्या ने पिच पर काफी देर से टिके गुणारत्ने (36) को कुलदीप के हाथों कैच कराया और श्रीलंका को सातवां झटका दिया. इसके बाद कोई विकेट नहीं गिरा और श्रीलंका ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 135 रन बनाए.