पूर्व वेस्टइंडीज दिग्गज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग (Michael Holding) ने हाल में संन्यास लेने वाले भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को ‘लीक से हटकर’ खिलाड़ी करार दिया जिन्होंने अपने करियर के शुरू से ही विरोधी टीमों को तहस नहस करने में कसर नहीं छोड़ी और हमेशा खुद के खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। Also Read - आज मुंबई को हराते ही धोनी के नाम होगा IPL का सबसे बड़ा रिकॉर्ड, बनेंगे पहले कप्‍तान

कप्तान के तौर पर आईसीसी की सभी ट्रॉफियां जीतने वाले धोनी ने 15 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने अपना आखिरी मैच एक साल से भी अधिक समय पहले विश्व कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। होल्डिंग ने दुनिया भर के अन्य क्रिकेटरों की तरह धोनी की जमकर प्रशंसा की। Also Read - IPL 2020: स्टीव स्मिथ का कनकशन बढ़ा सकता है राजस्थान की मुसीबत; CA के साथ मिलकर रखेंगे नजर

होल्डिंग ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘‘धोनी ने जब पहली बार भारत की तरफ से वनडे खेलने शुरू किया तो उनके लंबे बाल हुआ करते थे। वो लीक से हटकर नजर आते थे। वो ऐसे नजर आते हैं जैसे वह अपने सामने आने वाली हर चीज को तहस नहस करने के लिए आए हैं और उन्होंने काफी हद तक ऐसा किया।’’ Also Read - IPL 2020, CSK vs MI: मैच का रुख पलट सकते हैं मुंबई-चेन्नई के ये पांच खिलाड़ी

धोनी के लंबे शॉट लगाने की क्षमता की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अपने पूरे करियर के दौरान उन्होंने 229 छक्के (वनडे में) लगाए। जब आप इस संख्या के बारे में सोचते हो तो आप ये भी सोचते हों कि उसने इतने छक्के और चौके लगाने के लिए 40 साल तक क्रिकेट खेली होगी। लेकिन यही उनका स्वभाव है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब धोनी ने शुरुआत की थी तो वो बिग हिटर थे और इसलिए उन्होंने इतने ज्यादा चौके और छक्के लगाए। जब उनके बाल थोड़ा सफेद होने लगे तो उन्होंने इसमें थोड़ा बदलाव किया और उनकी बल्लेबाजी अधिक नियंत्रित हो गई। जिसने भी मैदान पर धोनी को देखा होगा वो जानता था कि वो नियंत्रण में और शांतचित रहता है और कभी नियंत्रण से बाहर नहीं जाता।’’

भारत को टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी में जीत दिलाने वाले कप्तान धोनी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में गिना जाता रहा है।

होल्डिंग ने कहा, ‘‘वो क्या शानदार कप्तान था। वो कितना सफल रहा। जब वो कप्तानी कर रहा होता था तो आपने कभी उन्हें उत्तेजित होते हुए नहीं देखा होगा। अगर चीजें नियंत्रण से बाहर जा रही हों तो वह अपने खिलाड़ियों को बुलाते थे। उनसे शांतचित होकर बात करते थे और चीजें खुद ही बदल जाती थी। उनका इस तरह का प्रभाव था। ’’

दिग्गज तेज गेंदबाज ने कहा कि ये सराहनीय है कि धोनी ने अपने करियर में लगभग 5,000 टेस्ट रन बनाये और विकेटकीपर की अपनी भूमिका के साथ हमेशा न्याय किया। उन्होंने कहा, ‘‘उनका करियर क्या शानदार था। इस खिलाड़ी ने लगभग 5,000 टेस्ट रन बनाए जबकि वो स्पेशलिस्ट बल्लेबाज नहीं था, वो विकेटकीपर था। इतने लंबे करियर में विकेटकीपर रहते हुए इतनी अच्छी भूमिका निभाना सराहनीय है।’’