बीसीसीआई के सालाना कॉन्ट्रेक्ट से बाहर होने के बाद अपने घरेलू टीम झारखंड के अभ्यास करने पहुंचे महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी देखकर रणजी टीम के कोच संजीव कुमार हैरान हैं। झारखंड रणजी टीम के कोच कुमार ने बताया कि धोनी ने बिना किसी परेशानी के जेएससीए स्टेडियम में नेट प्रैक्टिस की। Also Read - India vs England: जो रूट चाहते हैं भारतीय स्पिनरों का बहादुरी से सामना करें इंग्लिश बल्लेबाज

आईएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं ईमानदारी से कहूं तो.. मुझे लगा था कि धोनी ने लंबे समय से ट्रेनिंग नहीं की है तो उन्हें थोड़ी परेशानी होगी। आखिरी बार जब हमने बात की थी तो उन्होंने कहा था कि वो जनवरी में शुरू करेंगे और देख लीजिए उन्होंने अभ्यास शुरू कर दिया। वो अपनी बात पर कायम रहने वाले खिलाड़ी हैं।” Also Read - WATCH: सर्जरी के बाद मैदान पर लौटे रवींद्र जडेजा; इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में कर सकते हैं वापसी

कोच ने आगे कहा, “इसमें कोई हैरानी वाली बात नहीं थी कि वो टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथ किसी आम झारखंड के खिलाड़ी की तरह ही खेल रहे थे, लेकिन जिस बात से मुझे हैरानी हुई वो ये कि उन्होंने लगभग हर गेंद को बल्ले के बीचों-बीच लिया, चाहे वो तेज गेंदबाज हों या स्पिनर। उन्होंने थ्रो डाउन को भी अच्छी तरह खेला।” Also Read - Top 10 Most followed Person on instagram: इंस्टाग्राम पर 10 सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले व्यक्ति, विराट कोहली हैं कोसों पीछे

कमिंस के बाउंसर पर चोटिल हुए शिखर धवन, फील्डिंग के लिए मैदान पर उतरा ये खिलाड़ी

कोच ने कहा, “मैंने राष्ट्रीय टीम को लेकर उनसे अभी तक बात नहीं की है। लेकिन अगले आईपीएल के लिए उन्होंने तैयारियां शुरू कर दी हैं। टीम रविवार से रणजी ट्रॉफी खेलने में व्यस्त होगी, वहीं धोनी तब तक अभ्यास करेंगे जब तक वो रांची में हैं।”

कोच से जब पूछा गया कि इन दो दिनों में धोनी ने उन चीजों से कुछ हटकर किया जो वो आमतौर पर करते हैं तो कोच ने कहा कि उन्होंने गेंदबाजों से काफी बातें कीं।

कोच ने कहा, “वो बेहद पेशेवर खिलाड़ी हैं। उन्होंने युवाओं के साथ समय बिताया, खासकर गेंदबाजों के साथ। उन्होंने गेंदबाजों से लाइन और लैंथ को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कहां और किधर गेंद डालनी चाहिए और बल्लेबाजों को कैसे फंसाना चाहिए। धोनी जैसे सीनियर खिलाड़ी से जितनी उम्मीद की जानी चाहिए वे उतने ही खुलकर खिलाड़ियों से बात कर रहे थे।”