नई दिल्ली. टीम इंडिया की सलेक्शन कमेटी को तब शर्मसार होना पड़ा जब महेंद्र सिंह धोनी ने झारखंड के लिये विजय हजारे ट्राफी क्वार्टरफाइनल में खेलने से इनकार कर दिया. जबकि, मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने दो दिन पहले सार्वजनिक रूप से इसकी घोषणा की थी.इस मौजूदा घटना से स्पष्ट हो गया कि चयनकर्ताओं और सीनियर खिलाड़ियों के बीच कोई संवाद नहीं होता. खिलाड़ी अपना कार्यक्रम खुद तय करते हैं. Also Read - IND vs AUS: क्‍या आप जानते हैं Team India New Jersey पर तीन स्‍टार का क्‍या है मतलब ?

धोनी की ‘ना’ से चीफ सलेक्टर को झटका! Also Read - Audio Case: भाजपा विधायक ललन कुमार पासवान ने लालू प्रसाद के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी, IG ने जांच के दिए आदेश

धोनी पिछले दो साल से बल्लेबाज के तौर पर फार्म में नहीं है, उनके महाराष्ट्र के खिलाफ झारखंड का क्वार्टरफाइनल मैच खेलने की उम्मीद थी.लेकिन, शनिवार को झारखंड के मुख्य कोच राजीव कुमार ने बेंगलुरू में पत्रकारों को बताया कि धोनी ने क्वार्टरफाइनल में नहीं खेलने का फैसला किया जबकि मुख्य चयनकर्ता ने इससे पहले उनके इसमें हिस्सा लेने की घोषणा की थी. Also Read - अपहरण के बाद बलात्कार, बालिका गृह में नाबालिग ने दिया बच्चे को जन्म

झारखंड के हित में धोनी का फैसला

झारखंड के कोच कुमार ने कहा, ‘‘धोनी को लगता है कि इस चरण में टीम से जुड़ना उचित नहीं होगा, क्योंकि टीम ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया है और उनकी अनुपस्थिति में क्वार्टरफाइनल तक जगह बनायी है. वह टीम का संतुलन नहीं बिगाड़ना चाहते. ’’

इस साल 22 दिन क्रिकेट खेले धोनी

धोनी ने इस साल 22 दिन (15 वनडे और सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच) ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है जिससे वह जब भी लंबे ब्रेक के बाद खेलते हैं तो फार्म में नहीं दिखते. ये भी सवाल उठाये जा रहे हैं कि प्रसाद ने सार्वजनिक घोषणा करने से पहले धोनी से एक बार बात की थी. बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने शनिवार को कहा, ‘‘मैं जानना चाहूंगा कि एमएसके प्रसाद कैसे धोनी से संपर्क करते हैं. ’’