MS Dhoni Turned 40 Today: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) आज 40 साल के हो गए हैं. धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भले ही संन्यास ले चुके हों लेकिन वो अभी भी आईपीएल (Indian Premier League) में सक्रिय हैं. धोनी पहले ही ये साफ कर चुके हैं कि आने वाले कुछ सालों में वो लगातार आईपीएल में खेलना जारी रखेंगे. आइये हम आपको इस मौके पर महेंद्र सिंह धोनी के उन बोल्ड निर्णयों के बारे में बताते हैं जो क्रिकेट जगत में काफी चर्चा में रहे.
टी20 विश्व कप 2007 में जोगेंदर शर्मा को आखिरी ओवर देना:
जोगेंद्र शर्मा का नाम भले ही आज क्रिकेट फैन्स को याद नहीं हो लेकिन टी20 विश्व कप 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए निर्णायक मुकाबले में उन्होंने ही आखिरी ओवर डाला था. धोनी (MS Dhoni) ने भज्जी की जगह शर्मा को आखिरी ओवर डालने को दिया. पाकिस्तान को छह गेंदों पर 13 रनों की दरकार थी. मिस्बाह उल हक ने दूसरी ही गेंद पर छक्का जड़ मैच को आसान बना दिया. अगली गेंद पर शॉट फाइन लेग के उपर से स्कूप शॉट लगाने के प्रयास में वो श्रीसंत को कैस दे बैठे. भारत ने खिताब पर कब्जा किया.
सौरव गांगुली-राहुल द्रविड़ को प्लेइंग इलेवन से किया ड्रॉप
साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने ट्राई सीरीज खेली. श्रीलंका भी इसका हिस्सा थी. भारत को विश्व कप जिताने वाले धोनी (MS Dhoni) ने इस सीरीज में आउट ऑफ फॉर्म चल रहे सीनियर खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी और राहुल द्रविड़ को बाहर बैठाने का बड़ा फैसला लिया. भारत पहली बार ऑस्ट्रेलिया की धरती पर ट्राई सीरीज जीतने में सफल रहा. इस सीरीज से पहले ही इंग्लैंड दौरे पर मंकी गेट प्रकरण सामने आया था.
विश्व कप 2011 में उपरी क्रम में खेले धोनी
आमतौर पर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) भारतीय बल्लेबाजी क्रम में नंबर-6 पर खेलने के लिए आते थे, लेकिन विश्व कप 2011 के दौरान उनके बल्लेबाजी क्रम में लगतार बदलाव देखने को मिले. वो कई मैचों में युवराज सिंह से पहले नंबर-5 पर आने लगे. युवी ने इसके बावजूद शानदार प्रदर्शन कर मैन ऑफ द सीरीज अपने नाम की थी. धोनी ने खिताबी मुकाबले में नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए छक्के के साथ भारत की जीत सुनिश्चित की थी.
चैंपियन ट्रॉफी में रोहित शर्मा से कराई ओपनिंग
रोहित शर्मा अपने करियर के शुरुआती दिनों में भारतीय टीम में मध्यक्रम में खेलते थे. इस दौरान वो ज्यादा कामयाब नहीं रहे. 2013 चैंपियन ट्रॉफी के दौरान धोनी (MS Dhoni) ने रोहित को ओपनिंग में प्रमोट करने का निर्णय लिया. रोहित ने शिखर धवन के साथ मिलकर एक के बाद एक शानदार पारियां खेली. नतीजतन भारत चैंपियन ट्रॉफी जीतने में सफल रहा.
सचिन-सहवाग-गंभीर पर थोपी रोटेशन पॉलिसी
साल 2012 में महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) टीम इंडिया में रोटेशन पॉलिसी लेकर आए. इसके तहत सीनियर क्रिकेटर्स को एक-एक कर बाहर बैठाने का निर्णय लिया गया. सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर इसका शिकार बने. गौतम गंभीर का करियर यहीं से ढलान पर जाना शुरू हो गया. ऑस्ट्रेलिया में सीबी ट्राई सीरीज में पहली बार इसका प्रयोग किया गया. भारत इस सीरीज में फाइनल में अपनी जगह तक नहीं बना पाया.
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.