राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के खिलाफ मैच में 217 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 16 रन से मिली हार के बाद चेन्नई सुपर किंग्स टीम (CSK) के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।Also Read - England vs India, Test Series: Suryakumar Yadav को पहली बार टेस्ट टीम के लिए बुलावा

शारजाह स्टेडियम में खेले गए मैच में चेज के दौरान सातवें नंबर पर उतरे धोनी ने बड़े शॉट लगाने के बजाय सिंगल्स के साथ पारी आगे बढ़ाई, हालांकि उन्होंने आखिरी ओवर में तीन गगनुंबी छक्के लगाए लेकिन तब तक मैच सीएसके के हाथ से निकल चुका था। Also Read - Sri Lanka vs India: तीसरे वनडे में हार के बाद कप्तान धवन ने कहा- टीम इंडिया ने 50 रन कम बनाए

मैच के बाद धोनी ने अपनी 17 गेंदो पर खेली 29 रन की पारी के पीछे के कारण के बारे में कहा था कि ‘मैंने काफी समय से बल्लेबाजी नहीं की थी, 14 दिन का क्वारेंटीन भी मददगार साबित नहीं हुआ’। इसके बावजूद पूर्व भारतीय बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) समेत कई दिग्गजों ने उनके बल्लेबाजी क्रम में नीचे खेलने के फैसले की आलोचना हुई। अब भारतीय कमेंटेटर आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) ने धोनी के फैसले का बचाव किया है। Also Read - West Indies vs Australia: वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया की टीमों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव; जल्द शुरू होगी सीरीज

ईएसपीएनक्रिकइंफो के अपने कॉलम में चोपड़ा ने लिखा. “गौतम गंभीर जो कि धोनी की आलोचना करने के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने कहा कि आप आगे से नेतृत्व नहीं कर सकते अगर आप बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए खुद को (बल्लेबाजी क्रम में) नीचे करते रहेंगे। हालांकि आप इस बात को नकार नहीं सकते लेकिन धोनी की लीडरशिप बाकी कप्तानों से कहीं अलग है।”

उन्होंने लिखा, “नेतृत्व को लेकर उनका विचार आगे से लीड करने का नहीं है। उन्होंने, कम से कम फ्रेंचाइजी क्रिकेट में, बाकी खिलाड़ियों को खुद से आगे मौका देकर बतौर कप्तान अपनी विरासत तैयार की है। और खराब दिन पर भी वो तभी आगे जाते हैं जब चीजें बहुत ही ज्यादा बिगड़ आगे से नेतृत्व करना महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी का स्टाइल नहीं है : आकाश चोपड़ाजाएं। और इस तरह से उन्होंने कई मैच बचाएं हैं।”

चोपड़ा ने आगे लिखा, “जाहिर है कि राजस्थान के खिलाफ मैच में ऐसा नहीं हो पाया लेकिन उससे पहले मुंबई के खिलाफ मैच में धोनी ने कर्रन को आगे भेजा और आखिर में वो मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ।”

धोनी की कप्तानी के बारे में चोपड़ा ने लिखा, “लीग मैचों में उलझने की बजाय पूरे टीम कैंपेन की बड़ी तस्वीर के बारे में सोचना बतौर सीएसके कप्तान धोनी की सबसे बड़ी ताकत रही है। इस वजह से पहले मैच में वो ऐसी प्लेइंग इलेवन चुनता जो उसके हिसाब से लगभग परफेक्ट होती है और वो एक खिलाड़ी के साथ ज्यादा से ज्यादा समय तक टिका रहता है। आईपीएल के किसी भी और कप्तान ने शेन वाटसन को टूर्नामेंट के बीच में ही बेंच पर बिठा दिया होता लेकिन धोनी टिका रहा और इसका अच्छा नतीजा भी मिला।”

चेन्नई टीम 2 में से एक मैच जीतकर 2 अंकों के साथ अंकतालिका में छठें स्थान पर है। धोनी की कप्तानी में सीएसके शुक्रवार को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपना तीसरा लीग मैच खेल खेलेगी।