भारतीय टीम के मुख्‍य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद (MSK Prasad) का कार्यकाल अब खत्‍म हो गया है. उनकी जगह अब सुनील जोशी (Sunil Joshi) ने ले ली है. प्रसाद ने अपने कार्यकाल के दौरान रवीचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) और रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) को सीमित ओवरों के क्रिकेट से बाहर करना और महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का विकल्‍प तलाशने का प्रयास करना सबसे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण काम बताया. Also Read - पाकिस्तान ने माना कोहली का लोहा, पूर्व कप्तान राशिद लतीफ बोले- विराट से पंगा मत लेना वर्ना...

टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान एमएसके प्रसाद ने कहा, “धोनी और युवराज सिंह (Yuvraj Singh) भारतीय क्रिकेट के दो ऐसे दिग्‍गज रहे हैं, जिनकी जगह अबतक कोई नहीं भर पाया है. मैं अपने कार्यकाल के दौरान इनके विकल्‍प नहीं ढूंढ़ पाया.” Also Read - On this day: 25 साल पहले वनडे में 3,000 रन बनाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने थे सचिन तेंदुलकर

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इस पूर्व मुख्‍य चयनकर्ता का मानना है कि भारतीय क्रिकेट में मजबूत बेंच स्‍ट्रेंथ तैयार करना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है. “मुझे इस बात का गर्व है कि हमारी चयनसमिति सभी फॉर्मेट में एक मजबूत बेंच स्‍ट्रेंथ तैयार करने में पूरी तरह से सफल रही है. वो दिन अब गए जब कुछ क्रिकेटर ही सभी फॉर्मेट में खेला करते थे.”

“आईसीसी टेस्‍ट चैंपियनशिप (ICC Test Championship) के प्‍वाइंट्स सिस्‍टम से हम पूरी तरह से वाकिफ हैं. हम चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन कर इसे जीतने के लिए काफी उत्‍साहित हैं. यही वजह है कि हमने खिलाड़ियों को अलग-अलग फॉर्मेट में रोटेट किया ताकि टेस्‍ट के लिए विशेषज्ञों को चुन सकें.”

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एमएसके प्रसाद पर अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट खेलने का कम अनुभव होने के आरोप भी लगे. इसपर उन्‍होंने कहा, “ट्रेवर होन्‍स ने महज छह टेस्‍ट मैच ही खेले हैं. इसके बावजूद भी वो ऑस्‍ट्रेलिया की चयनसमिति के चेयरमैन हैं. खेल के प्रति कमिटमेंट के लिए उनकी काफी तारीफ भी होती है.”