भले ही पिछले कुछ सालों से भारतीय टीम (Team India) के तेज गेंदबाज दुनिया के हर कोने में विकेट निकाल रहे हों लेकिन टीम इंडिया की मुख्य ताकत हमेशा ही स्पिन गेंदबाजी को माना जाता रहा है। हालांकि पूर्व गेंदबाज मुरली कार्तिक (Murali Kartik) ने एक चौंकाने वाले बयान में ये कहा है कि भारत में परंपरागत स्पिन शैली दम तोड़ रही है।Also Read - 'मेरे सुपरहीरो, आप हमेशा मेरे कप्तान रहेंगे': विराट कोहली को लेकर मोहम्मद सिराज का इमोशनल पोस्ट

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भारत के लिए 8 टेस्ट और 37 वनडे मैच खेल चुके इस बाएं हाथ के पूर्व गेंदबाज ने कहा, ‘‘ हम अब भी चाहते है कि हमारे पास मुथैया मुरलीधरन, शेन वॉर्न या डेनियल विटोरी जैसा गेंदबाज हो जो गेंद को हवा में रहते हुए बल्लेबाज को चकमा दे सके और अपने तरीके से आक्रामक रहे। अभी इसकी कमी खल रही है।’’ Also Read - Video: Virat Kohli की Captaincy पर Kapil Dev ने दिया बड़ा बयान; Watch Now

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा भी समय था जब कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण कई अच्छे स्पिनर अपने राज्य के टीमों में जगह नहीं बना पाते थे लेकिन फिलहाल स्पिन विभाग में भारत के पास अच्छे गेंदबाजों की काफी कमी है। अच्छे गेंदबाजों से मेरा मतलब है पुरानी शैली के स्पिनरों थे। कुछ ऐसे गेंदबाज होते है गेंद को तेज गति से फेंकते है लेकिन स्पिनर उसे कहते है जो गेंद को घुमाते है।’’

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कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर बैंगलुरू के लिए आईपीएल में खेलने वाले 43 साल के इस पूर्व गेंदबाज ने कहा गेंदबाजों के कौशल में आई गिरावट ये स्थिति गंभीर हो गयी है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज कल बल्लेबाज आराम से गेंदबाज के ऊपर से शॉट मार देते है। मुझे लगता है गेंदबाजों के कौशल में कमी आई है। मुझे लगता है हमें गेंद के हवा में रहते हुए बल्लेबाज को चकमा देना होगा। स्पिनरों को बड़े शॉट्स से बचने के लिए लॉन्ग ऑफ और लॉन्ग ऑन पर फील्डर रखने से बचना चाहिए।’’