नई दिल्ली : पैरा-एशियाई खेलों तथा युवा ओलम्पिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि हमारे खिलाड़ी नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहे है. मोदी ने कहा कि भारत केवल खेलों में ही नहीं, बल्कि नए क्षेत्रों में भी रिकॉर्ड कायम कर रहा है. अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 49वें एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भावना, ताकत, कौशल और क्षमता खेल जगत में भारत के मूल आधार के प्रमुख तत्व हैं. Also Read - कोरोना वायरस के 'इलाज और टीके' के लिए पीएम मोदी ने की फ्रांस के राष्ट्रपति से बात

उन्होंने कहा, “देश के युवा अगर इन गुणों को धारण कर लें, तो हमारा देश न केवल आर्थिक, विज्ञान और प्रोद्यौगिक के क्षेत्रों में ही विकास नहीं करेगा, बल्कि हमारे युवा खेल के क्षेत्रों में भी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं.” पैरा-एशियाई खेलों-2018 और युवा ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने वाले एथलीटों को बधाई देते हुए मोदी ने कहा, “पैरा एथलीटों ने 72 पदक हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया और देश को गौरवांन्वित किया.” Also Read - मन को खुश रखने के लिए हफ्ते में 1-2 बार ये काम करते हैं पीएम मोदी, शेयर किया वीडियो

युवा ओलम्पिक खेलों के बारे में मोदी ने कहा कि युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ था. उन्होंने कहा, “हाल ही के एशियाई खेलों में भारत का प्रदर्शन शानदार था. यह भारतीय खेलों का असली कहानी है, जो हर बीते दिन के साथ और भी बेहतर होती जा रही है. भारत केवल खेल के क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि अनछुए क्षेत्रों में भी रिकॉर्ड कायम कर रहा है.” Also Read - पंतजलि ने PM CARES Fund में 25 करोड़ रुपए का सहयोग दिया: योगगुरु रामदेव

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स्वर्ण पदक जीतने वाले पैरा-एथलीट नारायण ठाकुर के बारे में मोदी मने कहा कि उन्होंने बचपन में अपने पिता को खो दिया था और उसके बाद आठ साल अनाथालय में बिताए. अपना गुजारा करने के लिए उन्होंने डीटीसी की बसें साफ की और सड़क किनारे की दुकानों में भी काम किया.

मोदी ने कहा कि इसी नारायण ने भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं. भारतीय खेल जगत के तेजी से बढ़ते स्तर को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने कभी भी जूडो में पदक नहीं जीता था, लेकिन तब्बाई देवी ने युवा ओलम्पिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा है.

मणिपुर की निवासी 16 वर्षीय तब्बाई के पिता मजदूर हैं और माता मछली विक्रेता हैं. मोदी ने कहा कि इस प्रकार की कहानियां कई हैं. उन्होंने कहा, “हर जीवन और हर इंसान प्रेरणा का स्रोत है. हर युवा खिलाड़ी का जुनून और समर्पण नए भारत की नींव है.”

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पिछले साल आयोजित फीफा अंडर-17 विश्व कप को याद करते हुए मोदी ने कहा, “हमने सफल रूप से इस टूर्नामेंट का आयोजन किया था और इसे प्रशंसा भी मिली थी, क्योंकि दर्शकों के मामले में इस टूर्नामेंट ने रिकॉर्ड कायम किया था.” मोदी ने कहा, “इस साल भी हम ओडिशा हॉकी विश्व कप की मेजबानी मिलने के लिए भाग्यशाली हैं.”

भुवनेश्वर में होने वाले इस टूर्नामेंट की शुरुआत 28 नवम्बर से होगी, जो 16 दिसम्बर तक जारी रहेगा. मेजर ध्यान चंद, बलबीर सिंह सीनियर, लेसली क्लॉडियस, मोहम्मद शाहिद, उधम सिंह और धनराज पिल्ले जैसे हॉकी दिग्गजों को याद करते हुए मोदी ने नागरिकों से भुवनेश्वर जाकर भारतीय टीम का समर्थन करने का आग्रह किया है.