पहलवान नरसिंह यादव डोपिंग मामले में एक नया मोड़ आ गया है। नरसिंह यादव और उनके वकील इस बात पर अड़े हुए हैं कि किसी ने प्रतिबंधित दवाई उनकी ड्रिंक में मिला दी थी जिसके कारण वो डोपिंग में फंसे। वही दूसरी तरफ नरसिंह यादव के कोच सतपाल सिंह ने इस मामले पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि नरसिंह यादव ने सुशील पर साजिश के जो आरोप लगाए हैं, वो गलत हैं। नरसिंह का नार्को किया जाना चाहिए।

हालांकि इस मामले की सुनवाई की शुरुआत में ही नरसिंह ने डोपिंग की बात को स्वीकार करते इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने कहा, ‘डोपिंग हुई थी, लेकिन यह जानबूझकर नहीं की गई, मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। मुझे इसके लिए संदेह का लाभ मिलना चाहिए।’

इसके साथ ही नरसिंह यादव रियो ओलंपिक में भाग ले पाएंगे या नहीं इसका फैसला आज किया जाएगा। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के अनुशासन पैनल ने नरसिंह से जुड़े डोप विवाद पर सुनवाई बुधवार को स्थगित कर दी थी। यह भी पढ़े-नरसिंह के रियो उम्मीद पर आज नाडा देगा अहम फैसला

साढ़े तीन घंटे तक चली सुनवाई के दौरान नरसिंह और उनके कई वकीलों ने नाडा समिति के सामने अपना पक्ष रखा, जो आज अपना फैसला सुनाएगी। इस बीच नरसिंह दूसरे डोप परीक्षण में भी नाकाम रहे। उन्होंने दो साथी पहलवानों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है।

गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान विदुषपत सिंघानिया की अगुवाई वाली नरसिंह के वकीलों ने लगातार कहा है कि डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के लिए नरसिंह जिम्मेदार नहीं हैं। वकीलों के मुताबिक नरसिंह के ड्रिंक में मिलावट 23 या 24 जून को की गई थी। यह भी पढ़े-कांग्रेस सांसद ने नरिसंह के मामले में सीबीआई जांच की मांग की

सूत्रों के मुताबिक सुनवाई कर रहे पैनल को उन्होंने बताया, ‘वो जब एक्सरसाइज या प्रैक्टिस कर रहा था तो अपनी पानी की बोतल मैट पर छोड़कर गया था। उसी दौरान शायद किसी ने उनके पानी में कुछ मिला दिया। और इसी वजह से वो डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया।’

सुनवाई के दौरान 5 जून की घटना का भी जिक्र किया गया लेकिन ज्यादा जोर 24 और 25 जून की घटना पर दिया गया। नरसिंह ने 5 जून की घटना के बारे में पुलिस शिकायत में लिखवाया था कि उसके एक दोस्त ने पहलवान जितेश को उसके खाने में कुछ मिलाते हुए देखा था। यह घटना साई को सोनीपत सेंटर की है।

नरसिंह का आरोप है कि उनके विरोधियों ने उन्हें डोपिंग में फंसाया है, जिन्होंने उन्हें रियो जाने से रोकने के लिये उनके भोजन और पूरक आहार में कुछ प्रतिबंधित पदार्थ मिलाये हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनका पूरक आहार हालांकि साफ पाया गया। नरसिंह ने सोनीपत थाने में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें दो साथी पहलवानों के नाम हैं जिनमें से एक 17 बरस का है। उसने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई है।

दूसरी ओर खेलमंत्री विजय गोयल ने दोहराया है कि सरकार नरसिंह के रियो जाने पर फैसला अंतरराष्ट्रीय नियमों के आधार पर लेगी। बता दें कि नरसिंह के पिता ने सुशील और सतपाल पर उनके बेटे के खिलाफ साजिश करने का आरोपलगाया है. गौर हो कि रियो में जाने को लेकर सुशील कुमार और नरसिंह के बीच कानूनी विवाद भी हुआ था।