National Sports Day: मेजर ध्यानचंद भारत का एक ऐसा खिलाड़ी जिसने अपने जीवन में कई कीर्तिमान रचे. पूरी दुनिया ने इस खिलाड़ी के नाम के उपसर्ग में “जादूगर” और “दद्दा” लगाया. आज इस खिलाड़ी की 114वीं जयंती पर पूरा देश इन्हें याद कर रहा है. खिलाड़ियों से लेकर राजनेताओं ने दुनिया के इस वरिष्ठ खिलाड़ी को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. हॉकी के इस दिग्गज ने साल 1928, 1932 और 1936 में भारत की गोद में तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक लाकर रख दिया था. ध्यानचंद सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं एक प्रेरणा थे. चांद की रोशनी में अभ्यास से लेकर जर्मन तानाशाह हिटलर के ऑफर तक ऐसी कई बातें हैं, जो इस खिलाड़ी की महानता की गवाही देते हैं.

आज के इस मौके पर इन लोगों ने यूं किया ध्यानचंद को याद :

मेजर ध्यानचंद ने अपने 22 साल के करियर में 400 से अधिक गोल किए थे. उनके सम्मान में साल 2002 में दिल्ली के राष्ट्रीय स्टेडियम का नाम बदलकर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम रख दिया गया था. बरसों से ये एक मांग उठती रही है कि ध्यानचंद को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए. उन्हें यह सम्मान मिले या ना मिले, लेकिन इतना तय है कि वे देश के सबसे बड़े खेल रत्न या हॉकी खिलाडी थे, हैं और रहेंगे.