भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) के भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) को जर्मन कोच क्लाउस बारतोनिएट्ज (Klaus Bartonietz) के साथ ट्रेनिंग कराने का फैसला लाभदायक रहा जिन्होंने नीरज को टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में स्वर्ण दिलाने में अहम भूमिका निभाई।Also Read - Kaun Banega Crorepati 13 में होगी 'गोल्डन ब्यॉय' Neeraj Chopra और पीआर श्रीजेश की एंट्री, मचेगा धमाल

एएफआई ने रविवार को ट्वीट कर कहा, “नीरज को नया ओलंपिक चैंपियन बनाने के लिए धन्यवाद किंग क्लाउस।” Also Read - Neeraj Chopra का सपना पूरा, माता-पिता को पहली बार कराया 'हवाई सफर'

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इसके जवाब में क्लाउस ने कहा, “मुझे नीरज के लिए बहुत खुशी की अनुभूति हो रही है कि उन्होंने कांस्य नहीं, बल्कि स्वर्ण जीता है। वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ भाला फेंक एथलीट हैं।”

नवंबर 2019 में एएफआई ने टोक्यो 2020 को ध्यान में रखते हुए दक्षिण अफ्रीका में हुए एथलेटिक्स सेंट्रल नॉर्थ ईस्ट मीटिंग से पहले क्लाउस को नीरज का कोच बनाया था।

नीरज ने कोहनी की कोच से उबरने के बाद सर्किठ में बेहतरीन तरीके से वापसी की थी और दक्षिण अफ्रीका में 87.86 मीटर का थ्रो कर टोक्यो के लिए क्वालीफाई किया था।