नई दिल्ली. 80 के दशक में क्रिकेट फील्ड पर बल्लेबाजों को अपनी तूफानी गेंदबाजी से पानी पिलाने वाले न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज सर रिचर्ड हेडली को कैंसर ने जकड़ लिया है. हेडली को आंत का कैंसर हुआ है. हालांकि, अब इस खतरनाक बीमारी के खतरे से वो बाहर हैं. न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज को अपनी इस बीमारी का पता तब चला जब उन्होंने पिछले महीने अपना रूटीन चेकअप कराया. रिचर्ड हेडली की वाइफ डायना हेडली की तरफ से स्टेटमेंट जारी करते हुए न्यूजीलैंड क्रिकेट ने बताया कि आंत के कैंसर से उबरने के लिए पूर्व तेज गेंदबाज को सर्जरी करानी पड़ी. ये ऑपरेशन सफल रहा और अब उनमें काफी सुधार है. Also Read - 2021 में महिला वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन होगा या नहीं, अगले 2 सप्ताह में होगा फैसला

80 की चौकड़ी का हिस्सा हेडली Also Read - कोरोनाकाल में अब ये क्रिकेटर्स करेंगे मैदान में वापसी, बोर्ड ने की घोषणा

66 साल के हेडली न्यूजीलैंड के महान क्रिकेटरों में शुमार हैं और 1980 की उस बॉलिंग ऑलराउंडर की चौकड़ी का हिस्सा हैं जिसमें उनके अलावा इमरान खान, इयान बॉथम और कपिलदेव जैसे बड़े नाम शामिल थे. हेडली ने 431 टेस्ट विकेट चटकाए हैं जो कि उनके रिटायरमेंट के वक्त वर्ल्ड रिकॉर्ड था. ये कमाल उन्होंने 86 टेस्ट मैचों में 22.29 की औसत से किया था. वहीं, इतने ही टेस्ट मैचों में हेडली ने 27.16 की औसत से 3124 रन भी बनाए हैं. Also Read - न्यूजीलैंड क्रिकेट ने झाड़ा पल्ला-कहा, हमने कभी IPL 2020 मेजबानी की पेशकश नहीं की

न्यूजीलैंड की यादगार जीतों के नायक

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज जीत में हेडली असली नायक बनकर उभरे थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 130 रन देकर 7 विकेट चटकाए थे जबकि इंग्लैंड के खिलाफ 100 रन देकर 10 विकेट चटकाए थे. यही नहीं उनके करियर के दौरान कीवी टीम ने जितने भी टेस्ट जीते उसमें उन्होंने 13.06 की औसत से 173 विकेट चटकाए.

आखिरी इंग्लैंड दौरे पर ‘सर’ की उपाधि

1990 में अपने आखिरी इंग्लैंड दौरे पर रिचर्ड हेडली को क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के लिए नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित किया गया.