कटक वनडे में भारत के खिलाफ 64 गेंदो पर 89 रन की धमाकेदार पारी खेलने वाले निकोलस पूरन कुछ महीनों पहले तक चलने फिरने के काबिल भी नहीं थे। दरअसल 20 साल की उम्र में पूरन के साथ एक दुर्घटना हुई थी जिसमें वो इतनी गंभीर तरह से चोटिल हुए कि क्रिकेट के मैदान पर वापसी करना सपने जैसा लगने लगा।

ऐसे मुश्किल समय में कीरोन पोलार्ड ने पूरन का साथ दिया, जिसके लिए वो अपने कप्तान के बेहद आभारी हैं। पोलार्ड ने पूरन को कमबैक करने में काफी मदद की। इस बल्लेबाज ने भी भारत के खिलाफ उन्होंने तीन मैचों में 193 रन बनाकर कप्तान के भरोसे को सही साबित किया।

पूरन ने कहा पोलार्ड को शुक्रिया अदा करते हुए कहा, ‘‘वो मेरे लिए बड़े भाई, पिता जैसे है। वह मेरे साथ तब से है जबसे मैंने क्रिकेट के मैदान में वापसी की है। उन्होंने मुझे मौका दिया। मैं इसके लिए शुक्रगुजार हूं।’’

श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में जसप्रीत बुमराह को नहीं मिलेगी जगह, ये है वजह

पोलार्ड के बारे में पूछे जाने पर पूरन ने कहा कि मैदान की बाहर की हमारी दोस्ती उस समय भी दिखती है जब हम क्रीज पर एक साथ मौजूद होते है। बल्लेबाज ने कहा, ‘‘हम (मैं और पूरन) एक-दूसरे को अच्छे से जानते है। हम मैदान के बाहर और अंदर काफी अच्छे दोस्त है। हमें पता है कि बल्लेबाजी के समय एकदूसरे का साथ कैसे देना है।’’

पूरन ने कहा, ‘‘हम दोनों घरेलू मैचों में एक ही क्लब, एक ही फ्रेंचाइजी के लिए खेलते है। एक साथ बल्लेबाजी करते समय हमारे बीच अच्छी समझ रहती है। हम परिस्थितियों और हालात को ठीक से समझते और उसके अनुसार खेलते है।”