नई दिल्ली: न्यूजीलैंड दौरे पर नेपियर के मैक्लीन पार्क पर खेले गए पहले वनडे मैच में टीम इंडिया पर दबाव के कई कारण थे. भारतीय टीम न्यूजीलैंड में घरेलू टीम के खिलाफ पिछले छह मुकाबले हारने के बाद मैदान पर उतरी थी. दूसरा, इस मैच से पहले तक न्यूजीलैंड के बल्लेबाज जबरदस्त फॉर्म में थे. श्रीलंका के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज के तीन मैचों में कीवी टीम ने 371, 319 और 364 रनों का स्कोर खड़ा किया था. एक कारण यह भी था कि टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया से यहां पहुंची है जहां के मैदान काफी बड़े हैं. आशंका थी कि भारतीय गेंदबाजों को बदले माहौल से तालमेल बिठाने में मुश्किल आएगी, लेकिन न्यूजीलैंड की पारी के पहले 20 ओवर में ही यह तय हो गया था कि मैच का नतीजा क्या होगा.

श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में ओपनर कोलिन मुनरो, मिड्ल ऑर्डर में रॉस टेलर और लोअर मिड्ल ऑर्डर में जेम्स नीशाम और डग ब्रेसवेल ने न्यूजीलैंड के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेली थीं. लेकिन भारत के खिलाफ पहले वनडे में कप्तान केन विलियमसन को छोड़ कोई बल्लेबाज 25 रनों के आंकड़े से आगे नहीं बढ़ पाया. मुश्किल यह भी है कि कीवी बल्लेबाज मोहम्मद शमी के गेंदों की तेजी और स्विंग से परेशान हुए तो चहल और कुलदीप की फिरकी के जाल में भी उलझे. यानी टीम इंडिया की बॉलिंग अटैक में वे कोई कमजोर कड़ी नहीं ढूंढ पाए और अपने-अपने विकेट गंवाकर चलते बने.

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न्यूजीलैंड की परेशानियों की शुरुआत दूसरे ओवर में ही हुई जब शमी की एक इनस्विंगर पर मार्टिन गुप्तिल की गिल्लियां बिखर गईं. शमी ने अपने अगले ओवर में इसी तरह की गेंद पर कोलिन मुनरो को भी चलता किया. इसके बाद विलियमसन और रॉस टेलर की अनुभवी जोड़ी ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन चहल ने टेलर को चकमा दे दिया. उन्होंने टॉम लाथम को भी चलता किया जिन्हें न्यूजीलैंड टीम में स्पिन का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी माना जाता है और इसी चलते उन्हें भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम में शामिल किया गया था. 19वें ओवर में जब लाथम के रूप में न्यूजीलैंड का चौथा विकेट गिरा, तभी यह स्पष्ट होने लगा था कि अब उसके लिए मैच में वापसी करना मुश्किल होगा. एकमात्र उम्मीद कप्तान केन विलियमसन से थी जो क्रीज पर डटे हुए थे. लेकिन इसके बाद कुलदीप यादव की चाइनामैन के आगे एक के बाद एक कीवी बल्लेबाज ढेर होते गए.

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38वें ओवर में जब न्यूजीलैंड की पारी 157 रनों पर सिमट गई तो मैच के नतीजे को लेकर कोई शंका नहीं रह गई थी. शिखर धवन की हाफ सेंचुरी ने टीम इंडिया के लिए एक और चिंता दूर कर दी, क्योंकि टॉप ऑर्डर में उनका फॉर्म टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. लेकिन भारत को यह जीत उसके गेंदबाजों के चलते मिली है. एक दिन पहले कप्तान विराट कोहली ने न्यूजीलैंड में मिलने वाली चुनौतियों के बारे में गेंदबाजों को सचेत किया था. बुधवार को जब टीम इंडिया के गेंदबाज मैदान पर उतरे तो ऐसा लगा जैसे वे महीनों से न्यूजीलैंड में ही खेल रहे हों. पहली गेंद से लाइन और लेंथ पर पूरा नियंत्रण दिखा और कीवी टीम के पास इसका कोई जवाब नहीं था. सीरीज का दूसरा मैच तीन दिन बाद खेला जाना है. न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने जल्दी सुधार नहीं किया तो पहले मैच की तरह पूरी सीरीज एकतरफा हो सकती है.