नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच नेपियर में खेला गया पहला वनडे मैच. न्यूजीलैंड की पारी के 38वें ओवर की आखिरी गेंद थी. कुलदीप यादव गेंदबाजी कर रहे थे और सामने थे न्यूजीलैंड के नंबर 11 बल्लेबाज ट्रेंट बोल्ट. इस गेंद पर बोल्ट ने बल्ला अड़ाया और गेंद स्लिप में खड़े रोहित शर्मा के हाथों में चली गई और न्यूजीलैंड की पारी का अंत हो गया. ये सबने देखा, लेकिन इस गेंद से पहले क्या हुआ, इस पर शायद ही लोगों ने गौर किया हो, लेकिन यह वाकया एक बार फिर यह बताने के लिए काफी है कि महेंद्र सिंह धोनी की इस भारतीय टीम में क्या अहमियत है. Also Read - India vs England: आलोचना झेल रहे अजिंक्य रहाणे-चेतेश्वर पुजारा के समर्थन में उतरे कप्तान कोहली

Also Read - India vs England: इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में जसप्रीत बुमराह की जगह उमेश यादव को मिल सकता है मौका

NZ Vs Ind पहला वनडे : शमी के साथ स्पिनर्स ने मचाया धमाल, बैटिंग पिच पर एक नहीं चली कीवी बल्लेबाजों की Also Read - IND vs ENG: कप्तान Virat Kohli ने बताया- एक टेस्ट खिलाकर Kuldeep Yadav को क्यों किया बाहर

कुलदीप यादव ने इस ओवर की पहली पांच गेंदें ओवर द विकेट डाली थीं. ये पांचों गेंदें टिम साउदी ने खेली थीं. पांचवीं गेंद पर उन्होंने एक रन लिया और ट्रेंट बोल्ट स्ट्राइक पर आ गए. इसके बाद बीच पिच पर उोनों बल्लेबाजों के बीच बातचीत हुई, जिसमें साउदी ने बोल्ट से संभवत: अपना विकेट बचाकर रखने को कहा. बोल्ट स्ट्राइक लेने के लिए तैयार हो रहे थे, तभी पीछे से धोनी की आवाज आई. धोनी दरअसल बल्लेबाज की मनोदशा समझ गए थे. वे जान गए थे कि न्यूजीलैंड के बल्लेबाज 50 ओवर तक खेलने की कोशिश में हैं और बोल्ट रक्षात्मक रुख अपनाएंगे. धोनी ने कुलदीप से कहा कि ‘ये आंख बंद करके रोकेगा, इसे दूसरा वाला डाल सकता है.’

कुलदीप+चहल यानी विपक्षी टीमों के लिए ज्यादा मुसीबत, भरोसा नहीं तो देखें ये आंकड़े

धोनी की इस सलाह के बाद कुलदीप ने अपनी रणनीति बदली. वे राउंड द विकेट गेंद डालने के लिए आए. जैसा कि धोनी ने कहा था, बोल्ट ने रक्षात्मक तरीके से खेलने की कोशिश की और स्लिप में कैच कर लिए गए. वीडियो में धोनी की इस सलाह को स्पष्ट सुना जा सकता है. मैच खत्म होने के बाद से यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम दो वनडे और टी20 सीरीज से कोहली को आराम, रोहित संभालेंगे कप्तानी

धोनी अक्सर विकेट के पीछे से गेंदबाजों को ऐसी सलाह देते रहे हैं जिसका फायदा भी टीम को मिलता है. वे बल्लेबाज का मिजाज भांपकर गेंदबाज को उसी अनुरूप बॉलिंग करने की सलाह देते हैं. नजदीकी मुकाबलों में फील्डिंग सजाने में भी वे कप्तान विराट कोहली की मदद करते हैं. टीम के विकेटकीपर-बैट्समैन होने के साथ उनकी यही खासियतें हैं जिसके चलते कोहली के साथ-साथ क्रिकेट एक्सपर्ट भी धोनी को टीम के लिए अनिवार्य मानते हैं.