नई दिल्‍ली: भारतीय क्रिकेट टीम का न्‍यूजीलैंड में वनडे रिकॉर्ड बेहद खराब है. टीम कीवियों की सरजमीं पर अब तक एक तिहाई से भी कम वनडे मुकाबले जीत पाई है. लेकिन बुधवार से शुरू हो रही वनडे सीरीज खास है. इसका कारण यह है कि भारतीय टीम ऑस्‍ट्रेलिया में टेस्‍ट और वनडे सीरीज में ऐतिहासिक जीज हासिल कर न्‍यूजीलैंड पहुंची है. भारतीय टीम मैनेजमेंट पहले ही स्‍पष्‍ट कर चुका है कि न्‍यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत उसके प्राथमिकताओं में शामिल है. हालांकि, जीत की राह इतनी आसान नहीं होगी और न्‍यूजीलैंड के खिलाड़ी इस रास्‍ते में आने वाली मुश्किलों को बढ़ा सकते हैं यदि वे इस तस्‍वीर को अपनी निगाहों में बसा कर रख लें. Also Read - विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए 2 जून को इंग्लैंड रवाना होगी टीम इंडिया; 10 दिन तक क्वारेंटीन में रहेंगे खिलाड़ी

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इस तस्‍वीर में नजर आ रहे खिलाड़ी हैं भारतीय टीम के कप्‍तान विराट कोहली, उपकप्‍तान रोहित शर्मा और पूर्व कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी. ये तीनों भारतीय टीम की बल्‍लेबाजी के स्‍तंभ हैं. रोहित शर्मा टीम के ओपनर हैं और अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट के सबसे विध्‍वंसक बल्‍लेबाजों में शामिल हैं. विराट कोहली टीम के कप्‍तान होने के अलावा आईसीसी रैंकिंग में पहले नंबर पर हैं. उनकी बैटिंग फॉर्म इतनी बेहतरीन है कि इस पर पिच और विपक्षी टीम का भी खास असर नहीं पड़ता. महेंद्र सिंह धोनी टीम के मिड्ल ऑर्डर को संभालते हैं और फिनिशर की भूमिका भी निभाते हैं. Also Read - कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए Virat Kohli-Anushka Sharma, दान दिए 2 करोड़ रुपये

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कीवी टीम की समस्‍या यह है कि रोहित-कोहली-धोनी की तिकड़ी केवल बैटिंग में ही अहम भूमिका नहीं निभाती है. न्‍यूजीलैंड को बल्‍लेबाजी के दौरान विकेट के आगे जितनी नजर गेंदबाजों पर रखनी होगी, उतनी ही विकेट के पीछे इस तिकड़ी पर भी रखनी होगी, क्‍योंकि मैदान पर टीम की रणनीति बनाने की जिम्‍मेदारी भी इन्‍हीं तीनों पर होती है.

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कप्‍तान होने के नाते गेंदबाजी में बदलाव से लेकर फील्डिंग सजाने का काम विराट कोहली करते हैं. रोहित शर्मा उनके सहायक की भूमिका में होते हैं. ध्‍यान रहे कि रोहित को जब भी टीम की कप्‍तानी करने का मौका मिला है, उनकी बनाई स्‍ट्रैट्जी की सबने तारीफ की है. हालांकि, इन तीनों में सबसे अलग भूमिका धोनी की होती है. वे टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी और पूर्व कप्‍तान हैं. वे कोहली की मदद करने के अलावा गेंदबाजों की भी मदद करते हैं. विकेटकीपिंग करते हुए धोनी विपक्षी बल्‍लेबाजों की मनोदशा भांप लेते हैं और गेंदबाज को इस अनुरूप गेंद डालने की सलाह देते हैं. नजदीकी मुकाबलों में कई बार फील्डिंग सजाने की जिम्‍मेदारी भी उन्‍हीं के कंधों पर होती है.

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न्‍यूजीलैंड टीम को ध्‍यान रखना होगा कि बैटिंग हो या बॉलिंग, इन तीनों को नजरअंदाज नहीं कर सकते. बैटिंग करते हुए वे अपने दम पर विपक्षी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ सकते हैं तो भारतीय टीम की फील्डिंग के दौरान इनकी बनाई रणनीतियां ही मैदान पर आजमाई जाती हैं. टीम इंडिया के खिलाफ जीतने के लिए कीवियों को इस तिकड़ी से पार पाना ही होगा.