दक्षिण अफ्रीकी सीमित ओवर फॉर्मेट टीम के कप्तान टेम्बा बावुमा (Temba Bavuma) का मानना है कि भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जीत से उनकी टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उनका मुख्य ध्यान दक्षिण अफ्रीका की रणनीतियों को अच्छी तरह से लागू करने पर होगा।Also Read - रिषभ पंत-पृथ्वी शॉ के टीम इंडिया में रहते विपक्षी टीम के लिए 400 रन बनाना भी काफी नहीं होगा: सहवाग

भारत के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से जीतने के बाद, अब उनका ध्यान 19 जनवरी से पार्ल में शुरू होने वाली वनडे सीरीज पर होगा। भारत पिछली बार 2018 में छह मैचों की वनडे सीरीज 5-1 से जीती थी। ये दक्षिण अफ्रीका में उनकी वनडे सीरीज जीत थी। Also Read - इंडोनेशिया द्वारा निर्यात प्रतिबंध हटाने के बाद पाम ऑयल की कीमतों में आएगी और गिरावट

बावुमा ने कहा, “हमें भारत के खिलाफ अगली वनडे सीरीज में चीजों को ठीक करना होगा। मैं उस 2018 सीरीज में जो हुआ उसके बारे में नहीं सोच रहा हूं। मैं अपनी खुद की खेल शैली स्थापित करने और अपनी रणनीति को अच्छे से लागू करने के बारे में अधिक चिंतित हूं। भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जीत से हमें काफी आत्मविश्वास मिलेगा और खेलों से पहले कुछ गति मिलेगी।” Also Read - IND vs SA: BCCI का बड़ा फैसला, भारत-साउथ अफ्रीका सीरीज में दर्शकों से खचाखच भरे होंगे स्टेडियम

बावुमा को लगता है कि 2021 टी20 विश्व कप में अभियान के बाद दक्षिण अफ्रीका की सीमित ओवर फॉर्मेट टीम की छवि बदल रही है। यूएई में मेगा इवेंट में, दक्षिण अफ्रीका ने अपने पांच ग्रुप 1 मैचों में से चार जीते थे, केवल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में हार के कारण नेट रन-रेट के आधार पर सेमीफाइनल से चूक गए थे।

उन्होंने कहा, “इस दक्षिण अफ्रीकी सफेद गेंद वाली टीम के बारे में धारणा बदल रही है। अतीत में, ये कहा जाता था कि हमारे पास स्पिन खेलने की क्षमता की कमी थी और हमने विदेशी परिस्थितियों में संघर्ष किया। मुझे लगता है कि हमने टी20 विश्व कप में बहुत से लोगों को गलत साबित किया है। हमें ऑस्ट्रेलिया में अगले टी20 विश्व कप के लिए तैयार रहना है, जिसके लिए मानसिकता में एक और बदलाव की आवश्यकता होगी।”

उनका मानना है कि कोविड-19 के नए ओमिक्रॉन वायरस के कारण नीदरलैंड के खिलाफ सीरीज रद्द होने के बावजूद कई नए चेहरों वाली वनडे टीम को बहुत कुछ हासिल करना है।

उन्होंने कहा, “वनडे टीम को अभी बहुत कुछ हासिल करना है। टीम में कुछ नए चेहरे हैं। दुर्भाग्य से, कोरोना के कारण हमें पिछले दिसंबर में नीदरलैंड के खिलाफ सीरीज समाप्त करने का मौका नहीं मिला।”