साल 1931 में एक ऐतिहासिक पल के दौरान हॉलीवुड के महान अभिनेता चार्ली चैपलिन (Charlie Chaplin) लंदन में ईस्ट इंडियन डॉक रोड पर एक छोटे से घर में महात्मा गांधी से मिले। ठीक एक साल बाद चैपलिन लॉस एंजलिस में एक और महान भारतीय शख्सियत मेजर ध्यानचंद (Major Dhyan Chand) से मिले। Also Read - कोविड-19 संक्रमित मिल्खा सिंह की स्थिति में लगातार सुधार: पीजीआईएमईआर

हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले ध्यानचंद ने 1932 में एलए में हुए ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम को गोल्ड मेडल जिताया था। जिसके बाद वो भारत के एक बड़े सितारे के रूप में उभरे। Also Read - Justice एनवी रमना ने देश के 48वें सीजेआई के रूप में पद की शपथ ली

ध्यानचंद के बेटे अशोक ने कहा, “चार्ली चैपलिन ओलंपिक गांव आए थे और दादा और उनके साथिों से मिले थे। अमेरिकी मीडिया ने उस मुलाकात को काफी महत्व दिया था।” Also Read - पटोले बोले भारत रत्न पर शिवसेना के अलग हमारा स्‍टैंड, सावित्रीबाई फुले, शाहूजी महाराज को मिलेे सम्‍मान

पिता के 115वें जन्मदिन के मौके पर अशोक ने कहा कि भारतीय हर साल उनकी सालगिरह के मौके पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाकर उनका सम्मान करते हैं। अशोक ने ये भी कहा कि उन्होंने कभी लोगों से ध्यानचंद के लिए भारत रत्न मांगने की अपील नहीं की थी।

उन्होंने कहा, “ये ना केवल हमारे परिवार बल्कि देश के हर खेल प्रशसंक के लिए सम्मान की बात है। और सच कहूं तो, ध्यानचंद के लिए भारत रत्न की मांग लोगों ने की है, हमने नहीं। ये फैसला सरकार को करना है। जहां तक मुझे पता है खेल मंत्रालय (यूपीए-2 सरकार के समय) ने दादा को भारत रत्न देने की सिफारिश की थी।”

तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने पर अशोक ने कहा, “मेरे मन में सचिन के लिए बहुत सम्मान है। वो भारत के सबसे महान क्रिकेटर हैं लेकिन शीर्ष खेल इतिहासकारों का मानना है कि ध्यानचंद भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे महान खिलाड़ी थी क्योंकि वो अजेय थे। किसी भी खिलाड़ी के लिए अपने पूरे करियर में अजेय रहना, किसी भी खेल में एक बड़ा रिकॉर्ड है।”

अशोक ने बताया कि ध्यानचंद हॉकी के अलावा और भी कई खेल पसंद करते थे। बिलियर्ड्स उनका पसंदीदा खेला था लेकिन उन्हें क्रिकेट और फुटबॉल की भी शौक था।

2 मई 1935 को हॉकी के इस दिग्गज की मुलाकात दुनिया के सबसे महान क्रिकेटर सर डॉन ब्रैडमैन से हुई। 1952 में प्रकाशित हुई आत्मकथा ‘गोल’ में ध्यानचंद ने इस मुलाकात का जिक्र करते हुए लिखा था कि ब्रैडमैन उनके खेल से इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने अपने रनों की तुलना उनके गोल्स के की थी।