अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने ये ऐलान किया है कि आगामी महिला टी20 विश्व कप के दौरान फ्रंट-फुट नो बॉल की जिम्मेदारी पूरी तरह से तीसरे अंपायर की होगी ना कि फील्ड अंपायर की। आईसीसी ने तीन सफल ट्रायल्स के बाद इस नियम को विश्व कप टूर्नामेंट में लागू करने का फैसला किया है।

मैच के दौरान तीसरा अंपायर मैदान पर मौजूद अंपायर्स को निर्देश देगा लेकिन फील्ड अंपायर खुद फ्रंट-फुट नो बॉल का इशारा नहीं करेंगे। फ्रंट फुट नो बॉल का जिम्मा अब केवल और केवल तीसरे अंपायर पर रहेगा।

पिछले कुछ समय में फील्ड अंपायर के फ्रंट-फुट नो बॉल को अनदेखा करने के कई मामले सामने आए हैं। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज नसीम शाह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली टेस्ट सीरीज में डेविड वार्नर, जो कि उनका पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट था, को नो बॉल पर आउट किया था। जिसके बाद पूरे मैच मे शाह ने कई बार नॉन स्ट्राइकर एंड की लाइन पार की, जिस पर अंपायर की नजर नहीं गई।

टीम इंडिया भी इसका शिकार हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में तेज गेंदबाज इशांत शर्मा कई बार लाइन के आगे से गेंद डालते दिखे लेकिन फील्ड अंपायर ने उन्हें एक बार ही पकड़ा, जब शर्मा के विकेट लेने के बाद तीसरे अंपायर ने मामले में दखल दिया।

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पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग समेत कई दिग्गजों ने इसकी आलोचना की। पॉन्टिंग ने तो यहां तक कह दिया कि शायद अंपायर इस पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। इस कड़ी आलोचना के बाद आईसीसी ने तीसरे अंपायर के फ्रंट फुट नो बॉल जांचने के नियम को लागू किया।

आईसीसी के जनरल मैनेजर ज्योफ एलार्डिस ने कहा, “मुझे यकीन है कि ये तकनीकि आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में फ्रंट फुल नो बॉल की गलतियों को कम करेगी। नो बॉल का पता लगा पाना अंपायर्स के लिए मुश्किल होता है और हालांकि नो बॉल्स का संख्या बेहद कम है लेकिन फिर भी उनका पता लगाना जरूरी है।”