कोरोना वायरस महामारी की वजह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर लगे ब्रेक के बीच फैंस पुराने मैचों को याद कर अपने पसंदीदा खेल से जुड़े हुए हुए। ऐसा ही एक ऐतिहासिक मैच आज से ठीक 25 साल पहले भारत और श्रीलंका के बीच शारजाह में खेला गया था। इस मैच में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin tendulkar) वनडे में 3,000 रन बनाने वाले विश्व कप के युवा बल्लेबाज बने थे। Also Read - ICC Meeting: टी20 विश्‍व कप 2020 के भविष्‍य को लेकर फैसला 10 जून तक स्‍थगित

9 अप्रैल 1995 को खेले गए एशिया कप के पांचवें लीग मैच में 22 साल (21 साल 350 दिन) के तेंदुलकर ने 112 रनों की नाबाद पारी खेलकर वनडे में 3,000 का आंकड़ा पार किया था। Also Read - अनिल कुंबले और वीवीएस लक्ष्मण ने इस साल IPL आयोजन की उम्मीद जताई, जानिए पूरी डिटेल

मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका टीम 50 ओवर में 9 विकेट खोकर मात्र 202 रन बना सकी। टीम इंडिया की तरफ से गेंदबाजी अटैक की अगुवाई वेंकटेश प्रसाद ने की। उन्होंने 10 ओवर में 37 रन देकर विकेट झटके। वहीं जवागल श्रीनाथ ने दो सफलताएं हासिल की। मनोज प्रभाकर और अनिल कुंबले को एक-एक विकेट मिला। Also Read - लॉकडाउन में अंडर-19 खिलाड़ियों को मिली ये सीख, जानिए राहुल द्रविड़ की जुबानी

203 के आसान लक्ष्य को सचिन और प्रभाकर ने मिलकर मात्र 33.1 ओवर में ही हासिल कर लिया। तेंदुलकर ने 107 गेंदो पर 15 चौकों और एक छक्के की मदद से 112 रन बनाए। 60 रनों की पारी खेलने वाले प्रभाकर के साथ तेंदुलकर ने पहले विकेट के लिए 161 रन की मैचविनिंग साझेदारी बनाई।

प्रभाकर के सनथ जयसूर्या की गेंद पर आउट होने के बाद तेंदुलकर ने टीम इंडिया को मैच जिताया। इस मैचविनिंग पारी के दौरान सचिन वनडे क्रिकेट में 3,000 रन पूरे करने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने।

तेंदुलकर ने 1995 एशिया कप में सर्वाधिक रन बनाए थे, उन्होंने चार पारियों में एक शतक के साथ कुल 205 रन बनाए थे। जिसके दम पर भारतीय टीम टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंची थी और 14 अप्रैल को खेले गए फाइनल मैच में भी भारत का सामना श्रीलंका से हुआ था। उस मैच में सचिन सस्ते में आउट हो गए थे लेकिन मोहम्मद अजहरूद्दीन ने कप्तानी पारी खेलकर भारत को एशिया कप खिताब जिताया था।