6 अप्रैल 2014 को श्रीलंका ने ढाका में खेले गए फाइनल में भारत को हारकर आईसीसी टी20 विश्व कप जीता था। मैच के नायक रहे कुमार संगाकारा (Kumar Sangakkara) के टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का ये आखिरी मैच था, जिसमें उन्होंने मैच विनिंग अर्धशतक जड़ा। Also Read - BCCI ने Virat Kohli एंड कंपनी को दी बड़ी राहत, इंग्‍लैंड दौरे पर परिवार को भी ले जा सकेंगे साथ

संगाकारा ने 35 गेंदो पर 52 रनों की पारी खेली जिसकी मदद से श्रीलंका ने भारत के दिए 131 रनों के लक्ष्य को हासिल किया। अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में 55 मैचों में 1,330 रन बनाने वाले संगाकारा के साथ श्रीलंका के एक और दिग्गज खिलाड़ी महेला जयवर्धने (Mahela Jayawardene) ने इस मैच के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा। जयवर्धने ने 55 मैचों में 1,493 रन बनाए थे। Also Read - कोरोना राहत अभियान के लिए Virat Kohli-Anushka Sharma ने जुटाए 11 करोड़ रुपये

फाइनल मैच से पहले टूर्नामेंट में कोई बड़ी पारी नहीं खेल पाए संगाकारा ने कहा, “इस टीम ने मुझे फाइनल तक पहुंचाया और मुझे खुशी है कि मैं उनके लिए कुछ कर पाया। ये मेरा पांचवां फाइनल था और मैं इससे ज्यादा खुशी और गर्व महसूस नहीं कर सकता। इसका लंबे समय से इंतजार था।” Also Read - IND vs SL: श्रीलंका दौरे पर शिखर धवन को कप्‍तान बनाना चाहते हैं आकाश चोपड़ा, इन्‍हें चुना उपकप्‍तान

2014 टी20 विश्व कप फाइनल में जीतने से पहले श्रीलंका को 2007 और 2011 वनडे विश्व कप और 2009 और 2012 के टी20 विश्व कप फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।

इस जीत पर जयवर्धने ने कहा, “हम इस पल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, हम इस एक रुकावट को पार नहीं कर पा रहे थे। ये श्रीलंका के फैंस के लिए है।”

भारतीय टीम की ओर से 2014 विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे विराट कोहली (Virat Kohli), जिन्होंने फाइनल मैच में भी 58 गेंदो पर 77 रनों की पारी खेली। हालांकि कोहली का शानदार अर्धशतक भारत को हार से बचा नहीं सका।

मैच के बाद कोहली ने कहा, “श्रीलंका टीम को और अपना आखिरी मैच खेल रहे दोनों दिग्गजों को शुभकामनाएं। आज ईश्वर उनपर मुस्कुरा रहा था। ये हमारा खराब दिन था और हमने जो भी हासिल किया है हमें उस पर गर्व है।”

कोहली ने इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक 319 रन बनाए थे। भारत की से सबसे ज्यादा अर्धशतक (4), चौके (24) और छक्के (10) लगाने का रिकॉर्ड भी कोहली के नाम रहा था। टूर्नामेंट में उनका औसत 106 का था। फाइनल मैच में कोहली ने टूर्नामेंट का अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया था लेकिन वो भारत को खिताब जिताने में नाकाम रहे।