भारतीय क्रिकेट टीम के लिए आज यानी 24 जून 1974 का दिन किसी बुरे सपने जैसा था जब अजीत वाडेकर की कप्तानी वाली टीम इंडिया को सात समुंदर पार यानी इंग्लैंड में महज 42 रन पर ढेर होकर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी जो रिकॉर्ड अब भी बरकरार है. Also Read - Veda Krishnamurthy पर टूटा दुखों का पहाड़, मां के बाद कोरोना ने छीनी अब बहन की जिंदगी

बिशन सिंह बेदी ने 6 विकेट के लिए 226 रन लुटाए थे   Also Read - ICC Rankings: इंग्लैंड को पछाड़ वनडे में नंबर-1 टीम बनी न्यूजीलैंड; नीचे खिसकी टीम इंडिया

46 साल पहले आज ही के दिन टीम इंडिया और मेजबान इंग्लैंड की टीम सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में लॉडर्स के ऐतिहासिक मैदान में आमने सामने थी. इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 629 रन का पहाड़नुमा  स्कोर खड़ा किया. भारत की ओर से स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने जरूर 6 विकेट निकाले लेकिन इसके लिए उन्हें 226 रन लुटाने पड़े. जवाब में भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 302 रन बनाने में सफल रही. सुनील गावस्कर और फारुख इंजीनियर की सलामी जोड़ी ने बेहतर शुरुआत दी. दोनों ने 131 रन जोड़े. इसके बाद टीम ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए. Also Read - ICC ODI Rankings: न्‍यूजीलैंड बनी नई चैंपियन, तीसरे स्‍थान पर खिसका भारत, इंग्‍लैंड को सबसे ज्‍यादा नुकसान

इंग्लैंड को 327 रन की बढ़त मिली 

इंग्लैंड को पहली पारी में 327   रन की बढ़त प्राप्त हुई और उसने भारत कोफॉलोऑन खेलने के लिए बुलाया. भारतीय टीम दूसरी पारी में सिर्फ 17 ओवर ही क्रीज पर टिक सकी और 42 रन पर पूरी टीम ढेर हो गई.  दूसरी पारी में गावस्कर (5), इंजीनियर (0), वाडेकर (3), गुंडप्पा विश्वनाथ (5), ब्रिजेश पटेल (1) जैसे धुरंधर सस्ते में पवेलियन लौट गए. एकनाथ सोलकर (नाबाद 18 रन) ही एकमात्र भारतीय बल्लेबाज थे, जो दहाई का आंकड़ा छू पाए. इस तरह इंग्लैंड ने इस टेस्ट को 285 रन से अपने नाम किया.

भारत ने 3 मैचों की सीरीज 0-3 से गंवाई 

इंग्लैंड की ओर से दाएं हाथ के तेज गेंदबाज  क्रिस ओल्ड (21/5) और ज्योफ अर्नोल्ड ने (19/4) भारतीय बल्लेबाजी क्रम को झकझोर कर रख दिया. तीन मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट टीम इंडिया ने 113 रन से गंवाया जबकि तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच में उसे पारी और 78 रन से हार मिली. इस तरह भारत को तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-3 से हार मिली.