मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और मोहम्‍मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) के बीच अच्छे संबंधों से तो हर कोई वाकिफ है. सचिन अपने करियर में जिन बुलंदियों पर पहुंचे उसमें अजहरुद्दीन की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. आज ही के दिन 1994 में भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान मोहम्‍मद अजहरुद्दीन ने क्रिकेट के मैदान में एक ऐसा कदम उठाया था जिसने सचिन तेंदुलकर का करियर नई बुलंदियों पर पहुंचा. Also Read - Wisden Almanack's ODI cricketer of the 2010s: Virat Kohli बीते दशक के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर, सचिन तेंदुलकर-कपिल देव भी सम्मानित

सचिन तेंदुलकर ने साल 1989 में अपना क्रिकेट करियर शुरू किया था, लेकिन इसके बावजूद भी वो वनडे क्रिकेट में 1994 तक एक भी शतक नहीं लगा पाए थे. 27 मार्च 1994 को अजहरुद्दीन ने पहली बार सचिन को बतौर सलामी बल्‍लेबाज टीम में मौका दिया. न्‍यूजीलैंड के खिलाफ इस मैच में सचिन ने 49 गेंद पर 82 रन ठोक दिए. पारी में सचिन ने 15 और दो छक्‍के लगाए. Also Read - COVID-19: सचिन तेंदुलकर को अस्पताल से मिली छुट्टी; आइसोलेशन में रहकर करेंगे आराम

इससे पहले तक सचिन तेंदुलकर भारतीय टीम में पांचवें व छठे नंबर पर बल्‍लेबाजी करते थे. वो अक्‍सर अजहरुद्दीन से ओपनिंग में मौका दिए जाने की बात कहा करते थे, लेकिन उस वक्‍त की परिस्थितियों में ऐसा कर पाना कप्‍तान के लिए भी मुश्किल साबित हो रहा था. सचिन ने एक इंटरव्‍यू के दौरान कहा था कि वो अपनिंग में खेलते हुए पहले 15 ओवरों का फायदा उठाना चाहते थे. Also Read - Sachin Tendulkar हॉस्पिटल में भर्ती, Covid- 19 वायरस से हैं संक्रमित

सचिन को यह मौका तत्‍कालीन सलामी बल्‍लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू के चोटिल होने के कारण मिला था. इस पारी के बाद उन्‍होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. बतौर ओपनर सचिन ने 344 वनडे मुकबलों में 48.49 की औसत से 15,310 रन बनाए. जबकि निचले क्रम में खेलते हुए सचिन के नाम 110 मैचों में 33 की औसत से 3,116 रन हैं.