मोहन बागान के खिलाफ भी खेले थे जादूगर पेले, पलकें बिछा कर खड़े थे फैन्स

महान फुटबॉलर पेले ने भारत की धरती पर भी एक मैच खेला है. 1977 में वह मोहन बागान के खिलाफ मैच खेलने उतरे तो पूरा कोलकाता शहर गर्मजोशी से उनका स्वागत करता दिखा था.

Published: December 30, 2022, 12:21 PM IST

Pele Dies: दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शुमार पेले का 82 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने ब्राजील को तीन बार वर्ल्ड चैंपियन बनाया था. किसी खिलाड़ी का तीन-तीन वर्ल्ड चैंपियन टीमों का हिस्सा होना आज भी एक रिकॉर्ड है. पेले की फुटबॉल का जादू भारत में भी दिखा था. साल 1977 में पेले न्यूयॉर्क कॉसमॉस क्लब की ओर से कोलकाता के ईडन गार्डन में मोहन बागान के खिलाफ मैच खेलने आए थे. 24 सितंबर 1977 का वह दिन पूरे कोलकाता और मोहन बागान फैन्स के लिए अविस्मरणीय है.

पेले का फुटबॉल जगत में यह आखिरी साल था, ब्राजील को तीन-तीन विश्व कप खिताब दिला चुके पेले कई क्लबों से भी खेले और उन्होंने अपने करियर में 1000 से ज्यादा गोल किए. वह अपने फुटबॉल करियर में सब कुछ हासिल कर चुके थे. भारत में भी उनके लाखों की तादाद में फैन्स थे और उनके बीचे खेलने का मौका भी उन्हें करियर के आखिरी साल में मिल गया.

जब कोलकाता के लोगों को यह पता चला था कि पेले कोलकाता में खेलने आ रहे हैं तो वह अपने हीरो को अपनी आंखों से देखने की तैयारी में जुट गए. वह उस हीरो की झलक पाने को बेताब थे, जिसे उन्होंने अब तक सिर्फ टीवी पर खेलते देखा था या स्पोर्ट्स मैग्जीन में जिसकी तस्वीरें देखीं थीं.

पेले जब कोलकाता के एयरपोर्ट पर पहुंचे तो यहां लाखों की तादाद में फैन्स उनके स्वागत में मौजूद थे. दम दम एयरपोर्ट के बाहर का नजारा फैन्स से खचाखच भरा था. सेंट्रल कोलकाता के जिस होटल में पेले रुके थे वहां भी फैन्स का हुजूम था ताकि वे अपने हीरो की एक झलक पाने में कामयाब हो जाएं.

मोहन बागान के खिलाफ न्यूयॉर्क कॉसमॉस का मैच देखने के लिए ईडन गार्डन स्टेडियम में 80 हजार के करीब दर्शक जुटे. न्यूयॉर्क कॉसमॉस की टीम में वर्ल्ड चैंपियन पेले के अलावा ब्राजील के ही एक अन्य हीरो कार्लोस अल्बर्तो (Carlos Alberto) और इटली के जियोर्जियो चिनाग्लिया (Carlos Alberto) भी थे. मैच से पहले कोलकाता में रातभर बारिश होती रही और मैदान गीला होने के चलते खेलने लायक नहीं लग रहा था.

लेकिन पेले ने यह भरोसा दिलाया कि भारतीय फैन्स को वह निराश नहीं होने देंगे और जिस पल का वह बरसो से इंतजार कर रहे हैं. पेले इस मैच में करीब 30 मिनट ही खेले थे लेकिन उन्होंने फुटबॉल के अपने जादुई स्टाइल से लोगों का मन मोह लिया. यह मैच 2-2 से ड्रॉ पर खत्म हुआ.

इसके बाद पेले साल 2015 में एक बार फिर भारत आए. इस बार वह सुब्रतो कप में बतौर चीफ गेस्ट यहां आए थे. सुब्रतो कप नेशनल लेवल का इंटर स्कूल कॉम्पिटीशन है. साल 2018 में एक बार फिर वह भारत लौटे इस बार एक अखबार के सम्मेलन में वह शरीक हुए और यहां बाइचुंग भूटिया ने उनका इंटरव्यू लिया.

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