कई साल पहले टीवी पर आने वाला भारतीय दिग्गज युवराज सिंह (Yuvraj Singh) का एक विज्ञापन तो आपको याद दी होगा, जहां यूवी ने खेल जगत की अस्थिरता के बारे में बात करते हुए कहा था कि ‘जब तक बल्ला चल रहा है ठाठ है, जब बल्ला नहीं चलेगा तो….’ युवराज का ये डॉयलाग पाकिस्तान के एक क्रिकेटर की जिंदगी का कड़वा सच बन गया।

पाकिस्तान के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके फजल सुभान एक समय पर राष्ट्रीय टीम में चयन के करीब थे लेकिन उनके करियर ने ऐसी पलटी खाई कि आज वो आमदनी के लिए कराची में पिक-अप ट्रक चलाते है। 31 साल के सुभान एक समय पर पाकिस्तान के लिए प्रथम श्रेणी का एक जाना पहचाना नाम थे। सुभान पाकिस्तान की अंडर-19 टीम में भी खेल चुके है।

सुभान की ये दुखभरी दास्तानं लोगों के सामने तब आई, जब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में फजल मिनी पिक-अप ट्रक चलाते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने पाकिस्तान के लिए खेलने के लिए कड़ी मेहनत की थी। डिपार्टमेंटल क्रिकेट के दौरान, हमें एक लाख की सैलरी मिल रही थी लेकिन डिपार्टमेंट बंद होने के बाद हम 30-35 हजार पर आ गए जो कि पर्याप्त नहीं था।”

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सुभान ने आगे कहा, “मैं शुक्रगुजार हूं कि फिलहाल मेरे पास ये नौकरी है क्योंकि जिस तरह की चीजें हैं, क्या पता कल ये भी ना हो। हमारे पास कोई रास्ता नहीं है, बच्चों के लिए कुछ तो करना है।”

सुभान के इस वीडियो के वायरल होने के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी कामरान अकमल (Kamran Akmal) ने उनके प्रति सांत्वना दिखाई। वहीं ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज (Mohammed Haffez) ने सुभान की इस हालत के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को फटकारा।

हफीज ने ट्वीट किया, “बेहद दुख की बात, उसकी तरह बाकी खिलाड़ी भी संघर्ष कर रहे हैं। नया सिस्टम 200 खिलाड़ियों का ध्यान रखेगा लेकिन इसी सिस्टम की वजह से हजारों क्रिकेटर्स और मैनेजमेंट स्टाफ बेरोजगार हैं। मुझे नहीं पता कि क्रिकेट जगत की इस बेरोजगारी और इन सभी पीड़ितों की जिम्मेदारी कौन लेगा।”