पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) कोलकाता में होने वाले टीम इंडिया (Team India) के पहले डे-नाइट टेस्ट को क्रिकेट के सबसे पुराने फॉर्मेट की लोकप्रियता बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक कदम मानते हैं। हालांकि इस दिग्गज क्रिकेटर का कहना है कि केवल डे-नाइट मैच भारत में टेस्ट क्रिकेट को पूरी तरह से नहीं बचा पाएगा। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण है उनका निश्चित टेस्ट क्रिकेट कैलेंडर जो कि फिलहाल भारतीय टीम के पास नहीं है।Also Read - IND vs SL- Rahul Chahar भारत के लिए मैच विनर साबित होंगे, उनका कॉन्फिडेंस लाजवाब: Yuzvendra Chahal

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द्रविड़ ने बॉक्सिंग डे और लॉर्डस टेस्ट का उदाहरण देते हुए कहा, “इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट अच्छी स्थिति में है क्योंकि उनके पास टेस्ट क्रिकेट कैलेंडर है और हमारे पास नहीं है। लोग दिसंबर में बॉक्सिंग डे टेस्ट और एक साल पहले ही जुलाई में लॉर्डस टेस्ट की योजना बना सकते हैं। हमें भारतीय क्रिकेट में ऐसा करने की जरूरत है। इसके अलावा, हमें स्टेडियम में बेहतर सुविधाओं की जरूरत है।” Also Read - India vs Sri Lanka: श्रीलंका के खिलाफ पहले टी20 में डेब्यू कर सकते हैं वरुण चक्रवर्ती, देवदत्त पडिक्कल और रुतुराज गायकवाड़

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फिलहाल बीसीसीआई की नेशनल क्रिकेट अकादमी के डायरेक्टर का पद संभाल रहे द्रविड़ ने माना कि भारत में डे-नाइट टेस्ट को एक वार्षिक कार्यक्रम में बदल पाने में काफी मुश्किलें आएंगे। उन्होंने कहा, “अगर हम केवल ओस को नियंत्रित करने में सक्षम होते हैं तो भारत में दिन-रात टेस्ट वार्षिक कार्यक्रम बन सकता है। जब गेंद गीला होगा और गेंदबाजी मुश्किल हो जाएगी क्योंकि गेंद स्विंग नहीं होगी।”

पूर्व बल्लेबाज ने ये भी माना कि टेस्ट मैच देखने मैदान पर आने वाले दर्शकों की संख्या में कमी की एक वजह स्टेडियम की खराब सुविधाएं और आसानी से उपलब्ध ऑनलाइन प्रसारण भी है। उन्होंने कहा, “जब हम कहते हैं कि 2001 में ईडन गार्डन्स में 1,00,000 लोग थे, तो हम इसे याद नहीं कर रहे हैं। उस समय, कोई एचडी टेलीविजन नहीं था जो आपको घर पर बेहतर अनुभव की गारंटी दे सकता था, मोबाइल पर कोई क्रिकेट नहीं था। और यदि आप देखना चाहते थे तो आपको मैदान में आना पड़ता था।”