कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान गौरमांगी सिंह ने शारीरिक और मानसिक रूप से तरोताजा रहने का तरीका ढूंढ लिया है और इसके लिए वह जैविक खेती के जरिए ऐसा कर रहे हैं.
कोरोना वायरस महामारी के कारण इम्फाल में अपने परिवार के साथ रह रहे गौरमांगी फुटबॉल से मिले से ब्रेक के दौरान अपने किचन गार्डन को बढ़ा रहे हैं और अपने भाई-बहनों के साथ मिलकर विभिन्न सब्जियां उगा रहे हैं.
गौरमांगी ने ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.द-एआईएफएफ.कॉम’ से कहा, ‘हमारे पास जमीन का एक टुकड़ा है, एक एकड़ से भी कम. यह मेरे घर से कुछ दूरी पर है.’
उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले दो साल से वहां किचन गार्डन बना रखा है और लॉकडाउन के दौरान मैंने और मेरे भाई-बहनों ने इसे बढ़ाने का प्रयास किया और मिर्ची, हल्दी, अदरक, भुट्टा, करेला, सीताफल और लौकी जैसी सब्जियां उगाई.’
खाली समय का कर रहे सदुपयोग
सेकेंड डिवीजन टीम एफसी बेंगलुरू यूनाइटेड के मुख्य कोच और पूर्व भारतीय डिफेंडर गौरमांगी ने कहा कि वह इससे खाली समय का सदुपयोग कर पाए और उन्हें अच्छा अनुभव मिला.
उन्होंने कहा, ‘यह काफी सकारात्मक अनुभव रहा और मैंने इसका काफी लुत्फ उठाया. बगीचे में काम करना हमेशा मजेदार होता है. हम रोजाना कुछ घंटे वहां बिताने का प्रयास करते हैं. क्यारी बनाना, बीज बोना, पौधों को पानी डालना और सब्जियां तोड़ना- यह सब कुछ काफी संतोषजनक है, विशेषकर तब जब आपकी मेहनत का फल मिलता है. यह मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा रहने का अच्छा तरीका है.’
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Sports Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.