जोहानिसबर्ग। दक्षिण अफ्रीकी कोच ओटिस गिब्सन ने आज कहा कि एबी डिविलियर्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने से अगले साल होने वाले विश्व कप में उनकी टीम को उम्मीदों को करारा झटका लगा है. गिब्सन ने कहा कि उन्होंने पिछले सप्ताह डिविलियर्स के संन्यास की घोषणा करने से एक दिन पहले उनसे बात की थी लेकिन वह इस स्टार बल्लेबाज को अपना मन बदलने के लिए मनाने में नाकाम रहे.

गिब्सन ने पत्रकारों से कहा कि हमारे बीच बातचीत हुई थी. उसने घोषणा करने से पहले सुबह मुझसे बात की थी. हमारी लंबी बातचीत हुई थी कि क्या वह सही फैसला कर रहा है. उसका मानना था कि यह फैसला सही है. उसने अपने करीबी लोगों से बात की थी. उन्होंने कहा कि डिविलियर्स के फैसले से वह सकते में पड़ गये थे.

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गिब्सन ने कहा कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक है. वह विश्व कप में बड़ा अंतर पैदा कर सकता था और वह इसे जानता है लेकिन उसने इस समय खेल को छोड़ने को तरजीह दी. अब हमें अपनी रणनीति बदलनी होगी लेकिन इसके लिये हमारे पास पर्याप्त समय है.

डिविलियर्स ने पिछले बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि अपने 14 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दौरान वह काफी थक गये हैं. गिब्सन ने कहा कि यह देश और विश्व क्रिकेट के लिये निराशाजनक है कि एबी डिविलियर्स अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेलेंगे.

अचानक लिया संन्यास

बता दें कि डिविलियर्स ने इसी महीने अचानक संन्यास का ऐलान कर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था. उन्होंने अपने एप एक वीडियो संदेश में संन्यास का ऐलान किया था. बाद में ट्वीट करके भी इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने कहा कि अब मैं थक गया हूं और क्रिकेट से दूर होने का ये सही वक्त है. डिविलियर्स ने अपने ट्विटर पेज पर पोस्ट किये गये वीडियो में कहा, मैंने तुरंत प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का फैसला किया है. 114 टेस्ट , 228 वनडे और 78 टी 20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद अब समय है कि कोई अन्य जिम्मेदारी संभाले. मेरा अपना समय था और ईमानदारी से कहूं तो मैं थक चुका हूं.

डिविलियर्स की थी ये ख्वाहिश

डिविलियर्स वर्ल्ड कप जीतने की ख्वाहिश कई बार जता चुके थे. यह कई बार कह चुके थे कि उनका लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका को 2019 वर्ल्डकप में जीत दिलाना है. यही वजह है कि उन्होंने टेस्ट मैच खेलना कम कर दिया था. डिविलियर्स महज 34 साल के हैं और उनका इंटरनेशनल करियर काफी अच्छा चल रहा था. वह क्रिकेट के हर फॉर्मेट में रन बना रहे थे. ये उनका आखिरी वर्ल्डकप ही होता, लेकिन उन्होंने पहले ही अलविदा कह दिया. उनके इस फैसले से हर कोई हैरान है. सोशल मीडिया पर फैंस उनसे फैसला वापस लेने की गुहार लगा रहे हैं.