लाहौर: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि उसके सलामी बल्लेबाज अहमद शहजाद ही वह खिलाड़ी हैं, जो हाल ही में डोप टेस्ट में फेल हुए थे. वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी ने अब इस मामले में शहजाद को नोटिस जारी किया है और उन्हें 14 दिनों के अंदर जवाब देने को कहा है. इसके लिये उन पर चार साल तक का प्रतिबंध लग सकता है.

शहजाद के नमूने का टेस्ट अप्रैल के आखिरी सप्ताह में फैसलाबाद में 50 ओवर के घरेलू टूर्नामेंट के दौरान लिया गया था. लेकिन टेस्ट पॉजिटिव की खबर 20 जून को मीडिया में आई थी और पीसीबी ने ट्वीट कर एक खिलाड़ी के टेस्ट में फेल होने की पुष्टि की थी. बोर्ड ने हालांकि उस समय खिलाड़ी का नाम नहीं बताया था और कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की नियमानुसार, जब तक सरकार की एंटी-डोपिंग एजेंसी की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हो जाती है तब तक उस खिलाड़ी का नाम उजागर नहीं किया जा सकता.

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नोटिस मिलने के बाद शहजाद अब अस्थायी रूप से निलंबित होंगे और किसी भी अंतर्राष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड या उसके संबद्ध सदस्यों द्वारा आयोजित मैचों में नहीं खेल सकते हैं. उन्हें हाल में जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था. शहजाद 2017 में वेस्टइंडीज दौरे के बाद टेस्ट टीम से बाहर कर दिये गये थे और उन्होंने पिछले साल अक्तूबर से कोई वनडे मैच नहीं खेला है.

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शहजाद अब अपने बी नमूने की जांच के लिए कह सकते हैं और अगर उनका टेस्ट पॉजिटिव नहीं पाया जाता है तो तत्काल प्रभाव से उन पर से निलंबन हटा लिया जाएगा. इसके अलावा वह नोटिस मिलने के 14 दिन के अंदर एंटी-डोपिंग ट्रिब्यूनल में भी लिखित में सुनवाई का अनुरोध कर सकते हैं. पाकिस्तानी क्रिकेटरों का डोपिंग में नाकाम रहने का पुराना इतिहास है. तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ को 2006 में प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन का दोषी पाया गया था. बायें हाथ के स्पिनर रजा हसन को 2015 में जबकि हाल में दो अन्य स्पिनरों यासिर शाह और अब्दुर रहमान को भी डोपिंग का दोषी पाया गया था.