लाहौर: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए बुधवार को कई अहम फैसले लिए. बोर्ड ने पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक को क्रिकेट टीम का मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया है. पाकिस्तानी टीम जुलाई में 2019 विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचने में विफल रही थी, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मुख्य कोच मिकी आर्थर के कार्यकाल को नहीं बढ़ाने का फैसला किया.Also Read - Punjab ke CM: बंटवारे के समय पाकिस्तान में रुके और फिर भारत आकर पंजाब के मुख्यमंत्री बने भीम सेन सच्चर

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मिकी आर्थर के साथ गेंदबाजी कोच अजहर महमूद और बल्लेबाजी कोच ग्रांट फ्लावर को भी बाहर कर दिया गया था. पीसीबी ने कहा कि मिस्बाह 2023 में होने वाले क्रिकेट विश्वकप तक मुख्य कोच होंगे. पीसीबी के बयान के अनुसार, ‘‘पूर्व कप्तान मिस्बाह को तीन साल के अनुबंध पर सभी तीनों प्रारूपों में पाकिस्तान पुरुष राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया है.’’

इसके अनुसार, ‘‘पीसीबी की सभी स्तरों पर पारदर्शिता, जिम्मेदारी और स्पष्ट भूमिका सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को देखते हुए मिस्बाह को ही मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया गया और छह प्रथम श्रेणी क्रिकेट संघों के मुख्य कोच उनके साथी चयनकर्ता होंगे. ’’ मिस्बाह इस तरह पाकिस्तान के 30वें मुख्य कोच होंगे, लेकिन ऐसा पहली बार होगा जब मुख्य कोच ही मुख्य चयनकर्ता भी हो.

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एक अन्य पूर्व कप्तान वकार युनूस को तीन साल के लिये गेंदबाजी कोच बनाया गया था. यह महान तेज गेंदबाज पहले भी दो बार मुख्य कोच रह चुका है. मिसबाह 2010 से 2017 के बीच में पाकिस्तान के सबसे सफल टेस्ट कप्तान भी बने. इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने अपने करियर में 75 टेस्ट मैच और 162 एकदिवसीय मैच खेले हैं. बोर्ड की इस घोषणा से पहले ऐसी भी खबरे आई थी इस अनुबंधन को लेकर मिस्बाह और बोर्ड के बीच वेतन को लेकर कई मुद्दे उलझे हुए थे. दरअसल ऐसी सूचना आ रही थी कि यह पूर्व खिलाड़ी मिकी आर्थर के बराबर वेतन की मांग कर रहा था. पहले तो बोर्ड ने इनकार कर दिया था लेकिन बाद में वे इसके लिए तैयार हो गए.