पीसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसीम खान ने कहा कि उनकी अगुआई और वसीम अकरम (Wasim Akram) तथा मिसबाह उल हक (Misbah Ul Haq) की मौजूदगी वाली क्रिकेट समिति ने आर्थर, कप्तान सरफराज अहमद (Sarfraz Ahmed) और पूर्व मुख्य चयनकर्ता इंजमाम उल हक (Inzamam Ul Haq) से विश्व कप के बाद जांच के दौरान कई कड़े सवाल पूछे। इस बैठक के दौरान बोर्ड की प्राथमिकता टेस्ट क्रिकेट और आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप थी। Also Read - icc wtc 2019-21: इंग्लैंड को चौंकाकर विंडीज ने ICC Test Championship में खोला खाता, टीम इंडिया नंबर वन पर बरकरार

रविवार को पीटीआई को दिए इंटरव्यू में खान ने कहा, ‘‘हमने सबसे पहले स्वयं से पूछा कि क्या हम टेस्ट में सातवें नंबर और वनडे में छह नंबर की टीम बनकर खुश हैं। क्या हम खुश हैं कि लंबे समय में हमारे प्रदर्शन में निरंतरता की कमी रही है।’’ Also Read - इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए पाकिस्तान ने कसी कमर; अभ्यास मैच में बाबर आजम ने जड़ा अर्धशतक

खान ने पूर्व कोच मिकी ऑर्थर का कॉन्ट्रेक्ट आने ना बढ़ाने के फैसले पर भी बात की। उन्होंने कहा, ‘‘मिकी के बचाव में, उसने पाकिस्तान क्रिकेट के लिए काफी अच्छी चीजें की। लेकिन हमें कड़ा फैसला करना था, अब नए अधिकारी हैं, नया घरेलू ढांचा और हमें व्यावहारिक होने की जरूरत है, हमारे कप्तानों और कोचों के लिए पाकिस्तान क्रिकेट में उचित उत्तराधिकारी योजना होनी चाहिए।’’ Also Read - कोविड-19 महामारी के कारण कम कीमत पर लोगो अधिकार बेचने पर मजबूर हुआ पीसीबी

नेपाल की ओर से पहला टी20 शतक जड़ने वाले खिलाड़ी बने पारस खादका; बनाया विश्व रिकॉर्ड

खान ने कहा कि आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण है और यही कारण है कि उसने लाल गेंद के अपने घरेलू क्रिकेट ढांचे में आमूलचूल बदलाव किया है। उन्होंने कहा, “क्योंकि लाल गेंद का क्रिकेट हमारे लिए मायने रखता है ये किसी भी क्रिकेट खेलने वाले देश की स्वास्थ्य जांच के लिए जरूरी है। वनडे और टी20 क्रिकेट महत्वपूर्ण है लेकिन टेस्ट क्रिकेट हमारे लिए मायने रखता है।”

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक शीर्ष अधिकारी ने स्वीकार किया है कि राष्ट्रीय टीम के कोच पद से मिकी आर्थर को हटाना मुश्किल फैसला था। पीसीबी की क्रिकेट समिति द्वारा विश्व कप के बाद जिस तरह आर्थर को हटाने की सिफारिश की गई उस पर इस कोच ने हाल में बात करते हुए कहा था कि उन्होंने महसूस किया कि जिन लोगों पर उन्होंने सबसे अधिक विश्वास किया उन्होंने ही उन्हें निराश किया।