नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में विदेशी दौरे के बीच से खिलाडि़यों को वापस बुलाने के वाकये पहले भी हुए हैं, लेकिन हार्दिक पांड्या और के एल राहुल का मामला एकदम अलग है. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसा उदाहरण पहले देखने को नहीं मिला. हालांकि, अनुशासनात्‍मक कार्रवाई के बाद दौरे के बीच में स्वदेश भेजने की पिछले 82 वर्षों में यह केवल दूसरी घटना है. ऐसी घटनाएं कभी भी अच्‍छी नहीं कही जा सकती, लेकिन कई बार यह दूसरे खिलाडि़यों के लिए अवसर लेकर आती हैं. 1996 में इंग्‍लैंड दौरे के बीच से नवजोत सिंह सिद्धू के लौटने के बाद सौरव गांगुली को टीम में जगह मिली और पहले ही टेस्‍ट में शतक लगाने के अलावे भी कई ऐतिहासिक उपलब्धियां उनके करियर में जुड़ीं और सुपरस्‍टार बने. Also Read - India vs Australia: T20 मैच से पहले कैप्टन विराट कोहली संग कॉफी कैफे पहुंचे ये खिलाड़ी, देखें तस्वीर

Also Read - BCCI AGM बैठक: 24 दिसंबर को आईपीएल की नई टीमों, टीम इंडिया की FTP पर होगी चर्चा

सिद्धू का मामला अनुशासनात्‍मक नहीं था. उनकी टीम के तत्‍कालीन कप्‍तान मोहम्‍मद अजहरूद्दीन से अनबन हो गई थी. इसका पता भी 15 साल बाद चला जब बीसीसीआई के पूर्व अधिकारी जे वाई लेले की किताब प्रकाशित हुई. लेले ने बताया कि अजहर ने सिद्धू को गाली दी थी. Also Read - IND vs AUS: कैनबरा वनडे में ऑस्ट्रेलिया से जीता भारत, तस्वीरों में देखें जीत के लम्हे

ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज: वर्ल्‍ड कप से पहले इन तीन सवालों के जवाब चाहेगी टीम इंडिया

वर्षों पहले 1936 में लाला अमरनाथ को तत्कालीन कप्तान विजयनगरम के महाराज यानि विज्जी ने एक प्रथम श्रेणी मैच के दौरान कथित अपमान के कारण भारत के इंग्लैंड दौरे के बीच से स्वदेश भेज दिया था. विदेशी दौरों में कई बार अनुशासनात्मक मसले उठे, लेकिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहला अवसर है जबकि बोर्ड ने कार्रवाई की और दोषी खिलाड़ियों को स्वदेश लौटने के लिये कहा.

सिडनी वनडे में नहीं खेल पायेंगे पांड्या-राहुल, लौटना होगा भारत

लाला अमरनाथ की विज्जी के साथ बहस मुख्य रूप से टीम की राजनीति से जुड़ी थी. आम राय रही है कि ब्रिटिश भारत के तहत एक रियासत के शासक को अपनी योग्यता नहीं बल्कि पद के कारण कप्तानी मिली थी. अमरनाथ राजनीति का शिकार हुए थे. पांड्या और राहुल का मामला एकदम अलग है क्‍योंकि उन्हें महिलाओं के लिए आपत्तिजनक टिप्पणियां करने की कीमत चुकानी पड़ी है.

पांड्या-राहुल पर बरसे हरभजन सिंह, कहा- टीम इंडिया के कल्‍चर की बात करने वाले वे कौन हैं?

1996 में नवजोत सिंह सिद्धू कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन से तीखी बहस के बाद दौरे से हट गए थे. वह किसी को सूचित किए बिना चुपचाप निकल गए थे जिससे कमरे में उनके पार्टनर को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल गया. यह साथी कोई और नहीं बल्कि सौरव गांगुली थे जिन्होंने लार्ड्स में पदार्पण मैच में ही शतक जड़ा था.