नई दिल्ली. क्रिकेट को अनिश्चिताओं का खेल यूं ही नहीं कहा जाता. दरअसल, यहां बात पल भर में बनती और बिगड़ती है. कब हीरो जीरो बन जाए और कोई जीरो से हीरो तक का सफर पूरा कर ले, कहा नहीं जा सकता. यहां सब मौके का खेल है. मौके पर जो खरा उतरा बाजी उसकी. कुछ ऐसा ही रिषभ पंत और रिद्दिमान साहा के केस में भी है. उधर रिद्दिमान साहा को इंजरी हुई और इधर रिषभ पंत ने मिले मौके को कैश कर लिया. नतीजा, ये है कि अब साहा की वापसी पर गहरा संकट मंडराने लगा है. अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और लाजवाब फॉर्म की वजह से रिषभ पंत टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद बन चुके हैं. Also Read - संजू सैमसन ने कहा: विराट कोहली से अनुशासन सीखें युवा क्रिकेटर

पंत ने पक्की की जगह- शास्त्री Also Read - पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने बताया कौन सा विकेटकीपर बल्लेबाज लेगा धोनी की जगह

पहले इंग्लैंड और अब वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज में पंत की बल्लेबाजी देखकर टीम के हेड कोच रवि शास्त्री उनके मुरीद बन चुके हैं. शास्त्री ने कहा, ” पंत ने भी मौकों को पूरी तरह से भुनाया. उसने टीम में अपनी जगह मजबूत कर ली है.” Also Read - 'अगर टीम मैनेजमेंट का समर्थन मिला तो एक दिन टीम इंडिया के लिए मैचविनर बनेंगे रिषभ पंत'

पंत का फॉर्म लाजवाब- शास्त्री

शास्त्री के इतना कहने से ही साफ है कि फिलहाल के लिए रिद्दिमान साहा की टीम इंडिया की टेस्ट टीम में वापसी मुश्किल है. जब उनसे साहा की वापसी को लेकर सवाल किया गया तो भी उन्होंने यही बात कही, ” आपको मौजूदा फॉर्म को तरजीह देनी होगी. ”

मौके को कैश कर पंत बने फेवरेट

अब जरा ये समझिए कि पंत ने मौके को कैश कर साहा की वापसी मुश्किल की कैसे. साहा की इंजरी बहाना बनी और पंत को वो मौका मिला जिसका उन्हें इंतजार था. इंग्लैंड की धरती पर पंत का डेब्यू हुआ. अपनी पहली पारी में वो कुछ खास कमाल नहीं कर सके लेकिन रनों का खाता छक्के से खोलकर उन्हें ये संकेत जरूर दे दिया कि वो लंबी रेस के घोड़े हैं. इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पंत की सबसे बड़ी कामयाबी उनका पहला टेस्ट शतक रहा, जो कि आखिरी टेस्ट की दूसरी पारी में उनके बल्ले से निकला था. इंग्लैंड में शतक ठोक कर भारत लौटे पंत ने घरेलू सरजमीं पर भी वेस्टइंडीज के खिलाफ रनों के अपने सिलसिले को बरकरार रखा और बैक टू बैक 92-92 रनों की दो पारियां खेली.

पंत Vs साहा

5 टेस्ट की 8 पारियों में पंत अब तक 43.25 की औसत से 346 रन बना चुके हैं, जिसमें 1 शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं. दूसरी ओर साहा का टेस्ट में बल्लेबाजी औसत केवल 30.63 का है और उन्होंने 32 टेस्ट की 46 पारियों में 1164 रन बनाए हैं, 3 शतक और 5 अर्धशतक के साथ.आंकड़ों के तराजू में तौलें तो पंत का पलड़ा जाहिर तौर पर साहा के खिलाफ भारी दिख रहा है. बेशक, साहा के शतकों और अर्धशतकों की संख्या ज्यादा हो लेकिन पंत ने उनसे कम मुकाबले भी खेले हैं. यानी न सिर्फ मौजूदा फॉर्म बल्कि आंकड़ों का पूरा गणित भी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम इंडिया की टेस्ट टीम में पंत को साहा से बेहतर दावेदार बना रहा है.