रियो पैरालंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट दीपा मलिक को बंगलुरू में हुए चुनाव में भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) की निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है. हालांकि इसके लिए हुए चुनाव के नतीजे दिल्ली हाईकोर्ट में एक लंबित मामले की सुनवाई के बाद मान्य होंगे.Also Read - दिल्ली सरकार को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना’ को रद्द किया

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रियो पैरालंपिक में गोला फेंक (एफ-53 स्पर्धा) में रजत पदक जीतने वाली 49 साल की दीपा को शुक्रवार को अध्यक्ष चुना गया. Also Read - मैरिटल रेप अपराध है या नहीं? दिल्ली हाई कोर्ट के जजों ने कही अलग-अलग बात, अब SC जाएंगी बेडरूम की बातें..

दीपा ने पीसीआई को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘भारतीय पैरालंपिक में नए कार्यकाल की शुरुआत के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं. अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने और भारत में पैरा खेलों में एथलीट केंद्रित दृष्टिकोण का स्वागत करने पर मैं आभार व्यक्त करना चाहती हूं.’

उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए यह बड़ा बदलाव का मौका होगा. व्यक्तिगत तौर पर मुझे उम्मीद है कि आपका समर्थन मिलना जारी रहेगा. मैं पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए तत्पर हूं.’

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निर्वाचन अधिकारी आर राधा (सेवानिवृत्त जिला और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश) ने नतीजों की घोषणा करते हुए कहा कि इस चुनाव के परिणाम दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष लंबित एक मामले के पारित होने के बाद मान्य होंगे.

पूर्व अध्यक्ष राव इंदरजीत सिंह को हटाए जाने के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त हुए गुरशरण सिंह भी निर्विरोध महासचिव चुने गए. कविंदर चौधरी और शशि रंजन को उपाध्यक्ष जबकि एम महादेवा को कोषाध्यक्ष चुना गया है. नाले नंदकिशोर बाबूराव और कांतिलाल परमार सह सचिव चुने गए हैं.