भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर का कहना है कि जब वह स्कूल में थीं तब उनके पिता उनका मैच देखते थे लेकिन उनक मां ने कभी बेटी को क्रिकेट खेलते हुए नहीं देखा है. हरमनप्रीत की कप्तानी वाली भारतीय टीम पहली बार टी20 के फाइनल में पहुंची है जहां उसका सामना चार बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा. सेमीफाइनल मैच देखने के लिए हरमनप्रीत कौर के माता-पिता गुरुवार को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर मौजूद थे. ये पहला मौका होता जब वे अपनी बेटी का कोई इंटरनेशनल मैच स्टेडियम में बैठकर दर्शक के रूप में देखते. Also Read - हरमनप्रीत कौर ने महिला क्रिकेट की स्थिति पर उठाए सवाल, 'हम AUS-ENG के मुकाबले हैं पांच साल पीछे'

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ग्रुप चरण में एक भी मैच नहीं गंवाने से भारतीय टीम गुरुवार को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल बारिश से धुलने के बावजूद फाइनल में पहुंच गई. हरमनप्रीत ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘यह पहली बार होता जब वे मुझे क्रिकेट खेलते हुए देखते. जब मैं स्कूल में थी तब मेरे पिता मेरा मैच देखते थे. मेरी मां ने कभी भी मुझे क्रिकेट खेलते हुए नहीं देखा. वे आज का मैच देखना चाहते थे लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें मैच देखने को नहीं मिला.’ Also Read - रिकी पोंटिंग ने अपने क्रिकेट करियर के बुरे दिन का किया खुलासा, 'टर्बनेटर' से जुड़ा है मामला

हरमनप्रीत ने कहा, ‘यह मेरे लिए काफी मायने रखता है क्योंकि पहले दिन से मैं चाहती थी कि वे मुझे खेलते हुए देखें और आज मुझे यह मौका मिला था. वे हम सभी को खेलते हुए देखना चाहते थे और मुझे उम्मीद है कि हमें सभी के माता पिता का समर्थन मिलेगा और हम इस टूर्नामेंट को जीतने की कोशिश करेंगे.’

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उनके माता-पिता ऑस्ट्रेलिया में रहेंगे और हरमनप्रीत के 31वें जन्मदिन पर एमसीजी में होने वाले फाइनल को देखेंगे. भारतीय कप्तान को लगता है कि कार्यक्रम में सेमीफाइनल के लिए एक रिजर्व दिन रखना अच्छा होता. भारतीय टीम पहली बार महिला टी20 विश्व कप के फाइनल तक पहुंची है. वह 2009, 2010 और 2018 में यह मौका हासिल नहीं कर पाई थी.