हैदराबाद। अपने जबरदस्त रक्षात्मक और आक्रामक खेल की बदौलत पटना पाइरेट्स टीम ने यहां गाचीबावली इंडोर स्टेडियम में बॉलीवुड स्टार अभिषेक बच्चन के मालिकाना हक वाली जयपुर पिंक पैंथर्स को मात देकर लगातार दूसरी बार स्टार स्पोर्ट्स प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) खिताब अपने नाम किया। इससे पहले बीते साल सीजन-3 में पटना ने यू-मुम्बा को हराकर पहली बार इस खिताब पर कब्जा जमाया था। प्लेऑफ मुकाबले में पुनेरी पल्टन ने जीत हासिल करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और हार का सामना करने वाली तेलुगू टाइटंस की टीम को चौथा स्थान हासिल हुआ।

पटना ने रोमांच से भरपूर फाइनल में जयपुर को 37-29 के अंतर से हराया। पहले हाफ में जयपुर की रक्षात्मक रणनीति पर भारी पड़ी पटना ने 19-16 से बढ़त बनाई। पहले चरण के खेल की समाप्ति से पांच मिनट पहले धर्मराज चेरालाथन की टीम ने प्रतिद्वंद्वी टीम को ऑल आउट किया।

टीम के लिए हादी ओस्तोराक ने सबसे अधिक पांच टैकल अंक हासिल किए। मुकाबले के पहले हाफ के 20 मिनट पूरे होने से एक मिनट पहले हालांकि, दोनों टीमें 16-16 से बराबरी पर थी लेकिन आक्रामक खेल की बदौलत पटना ने फिर बढ़त हासिल की। टीम के लिए इस खेल में रेडरों ने मुख्य भूमिका निभाई। यह भी पढ़े-पटना पाइरेट्स बना स्टार स्पोर्ट्स प्रो कबड्डी लीग का चैम्पियन

दूसरे हाफ में भी पटना को जयपुर पर भारी पड़ते देखा गया। मुकाबले की समाप्ति में सात मिनट शेष रहने पर जसवीर की टीम एक बार फिर प्रतिद्वंद्वी टीम के हाथों धराशाई होकर ऑल आउट हो गई। इस समय पर धर्मराज की टीम विरोधी टीम से 28-23 से आगे थी।

धर्मराज की टीम ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और जयपुर पर भारी पड़ते हुए उसे 36-29 हराकर खिताब पर कब्जा जमाया।

पटना के लिए इस मुकाबले में प्रदीप नरवाल ने सबसे अधिक 16 अंक हासिल किए। वहीं, हादी ओस्तोराक ने पांच अंक जुटाए। धर्मराज और कुलदीप सिंह ने 3-3 अंक हासिल किए।

इस मुकाबले में जयपुर के लिए कप्तान जसवीर सिंह ने पटना से अकेले लोहा लेते हुए 13, राजेश नरवाल ने सात और अमित हुड्डा ने तीन अंक हासिल किए। हालांकि, कप्तान का यह मानना है कि उन्होंने अपना 100 प्रतिशत नहीं दिया और कहीं तो उनसे चूक हुई जिसके कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

नरवाल को टूर्नामेंट का मोस्ट वैल्यूबल खिलाड़ी चुना गया। इसके लिए उ्नन्हें 10 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। पटना की टीम को एक करोड़ रुपये मिले जबकि जयपुर को 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। पुणे को 30 लाख जबकि चौथे स्थान पर आने वाली हैदराबाद टीम को 20 लाख रुपये मिले।