आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप (ICC Test Championship) के लिए पाकिस्तान टेस्ट टीम (Pakistan Test Team) के नए कप्तान बने अजहर अली (Azhar Ali) का कहना है कि पीसीबी चेयरमैन एहसान मनी (Ehsan Mani) और कोच-चयनकर्ता मिसबाह उल हक (Misbah Ul Haq) ने उन्हें पूरी छूट दी है।

पाक कप्तान अली ने कहा, “मैंने मिसबाह के साथ और उनके नेतृत्व में काफी क्रिकेट खेली है, इसलिए हमारे बीच एक समझ है जो कई सालों में बनी है। दूसरी बात ये है कि चेयरमैन और मिसबाह भाई ने मुझे अपने इनपुट देने की पूरी छूट दी है। इसमें अच्छी बात ये है कि पहले आपको किसी चीज के लिए चयनकर्ताओं से पूछना होता था, आप और मुख्य कोच मिलकर कुछ फैसला लेते हैं और फिर अगर चयनकर्ता उससे सहमत नहीं होते हैं, तो फिर आप संघर्ष करते हैं।”

उन्होंने कहा, “लेकिन अब अगर हम कोई फैसला लेते हैं तो ये तय है क्योंकि हमारे कोच ही हमारे चयनकर्ता हैं। बतौर कप्तान मैं या फिर हमारी टीम मैदान पर किसी मुश्किल से गुजर रही है तो वो उन्हें (मिसबाह) उसका अंदाजा होगा, इसलिए चीजें आसान होंगी।”

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बतौर कप्तान पाकिस्तान टीम में होने वाले बदलावों के बारे में अली ने कहा, “हमें ऐसा टीम कल्चर तैयार करने की जरूरत है जहां हम शांत रहें और दबाव भरी स्थिति में सही फैसलें ले सके। हमें सकारात्म विकल्प चुनने होंगे और खिलाड़ियों को मुश्किल हालातों में अपने लिए फैसले लेने के काबिल बनाना होगा। ये ऐसी चीज है जो मैंने अपनी क्रिकेट से सीखी है, और मैं और बेहतर करने की कोशिश करूंगा। हम खिलाड़ियों को सब कुछ नहीं बता सकते हैं, इसलिए हमें उन्हें बेहतर फैसले लेना सिखा सकते हैं और एक बार ये हो गया तो नतीजे अपने आप आएंगे।”

पाकिस्तान टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के साथ आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप का आगाज करना है, जो कि आसान नहीं होगी। इस पर कप्तान अली ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया में हमारा ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा नहीं है लेकिन मैं इसे सकारात्म और निडर क्रिकेट खेलने के मौके की तरह देख रहा हूं। सकारात्मक क्रिकेट खेले बिना आप ऑस्ट्रेलिया को नहीं हरा सकते हैं। इसलिए खिलाड़ियों के लिए मेरा संदेश आक्रामक क्रिकेट खेलने का है।”

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कप्तान ने आगे कहा, “ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराना आसान नहीं है लेकिन ये मेरे लिए एक मौका है अपना अनुभव युवा खिलाड़ियों में बांटने का और आगे से उनका नेतृत्व कर एक विरासत छोड़ने का, जो कि हमेशा याद की जाएगी। मैं ये निश्चित करूंगा कि मेरे किसी भी खिलाड़ी में हार या असफलता का डर ना हो।”