नई दिल्ली. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हाल ही में जारी डाक्यूमेंटरी में राष्ट्रीय टीम पर लगाये गए स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि टीवी चैनल द्वारा फुटेज दिये जाने के बाद ही मामले की जांच हो सकती है .

अल जजीरा की नई डाक्यूमेंटरी में कहा गया है कि पाकिस्तान के चार अंतरराष्ट्रीय मैच फिक्स थे . पीसीबी ने कहा कि आईसीसी और उसकी अपनी भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई आरोपों की जांच कर रहे हैं .
उसने कहा कि ,‘‘ प्रसारक ने कोई सबूत पेश नहीं किये हैं लिहाजा ये सभी आरोप बेबुनियाद है .’’

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बता दें कि अल-जजीरा ने जारी की नई डॉक्यूमेंट्री में 2011 से 2012 के बीच तकरीबन 15 अंतर्राष्ट्रीय मैचों के फिक्स होने की बात कही है. इसी बीच, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने चैनल से सबूत साझा करने अपील की है. अल-जजीरा ने अपनी डॉक्यूमेंट्री में अनील मुनावर नाम के शख्स का जिक्र किया है जो डी कंपनी के लिए काम करता है. चैनल के मुताबिक यह शख्स भारत के एक शख्स को फिक्स हुए मैचों की जानकारी दे रहा है.

इससे पहले, चैनल ने अपनी पहली डॉक्यूमेंट्री में 2016 में दिसंबर में चेन्नई में हुए टेस्ट मैच और मार्च-2017 में रांची में हुए टेस्ट मैच में स्पॉट फिक्सिंग की बात कही थी. इन दोनों मैचों में इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के नाम आए थे. उस डॉक्यूमेंट्री में भी मुनावर का नाम आया था. इन दावों के जवाब में इंग्लैंड एंड वेल्स (ईसीबी) तथा क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) ने कहा है कि ऐसे कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे पता चलता हो कि इनके खिलाड़ी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं.