अपनी घातक फास्ट बॉलिंग के लिए दुनिया भर में मशहूर रहे पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने खुलासा किया है कि उन्हें करियर की शुरुआत से ही परफॉर्मेंस बढ़ाने वाले ड्रग्स लेने की सलाह दी जाती थी. अख्तर ने ‘एंटी-नारकोटिक्स फोर्सेस’ के सालाना समारोह में यह बात कही. इस तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्हें कई लोगों ने ऐसा करने की सलाह दी लेकिन अख्तर ने इस सलाह को कभी नहीं अपनाया. Also Read - MS Dhoni के बारे मे सीमा पार से आया ये जवाब, फैंस भी हो जाएंगे गदगद

क्रिकेट पाकिस्तान ने इस पूर्व तेज गेंदबाज के हवाले से लिखा, ‘जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया तो मुझे बताया गया कि तुम फास्ट बॉलिंग नहीं कर सकते हो और 100 मील प्रति घंटा (160 किमी/घंटा) जैसी अच्छी गति पाने के लिए मुझे ड्रग्स का इस्तेमाल करना ही होगा. लेकिन मैंने हमेशा ही ऐसा करने को मना किया.’ Also Read - एक शब्‍द में Rohit Sharma की पहचान ...? फैन के सवाल पर Shoaib Akhtar का मजेदार जवाब

रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से दुनिया भर में अपनी पहचान बनाने वाले इस 45 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी ने कहा, ‘ऐसी ही सलाह मोहम्मद आमिर (Mohammad Amir) को भी 2010 में इंग्लैंड दौरे से पहले दी गई लेकिन बाद में वह बुरी संगत में घिर गए.’ 2010 में मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ और तब के पाकिस्तानी कप्तान सलमान बट्ट के साथ स्पॉट फिक्सिंग में दोषी पाए गए थे. आसिफ और बट्ट पर तब आजीवन प्रतिबंध लगा था और मोहम्मद आमिर पर 5 साल का बैन लगा था.

बता दें कि 2006 में शोएब पर प्रतिबंधित दवा (ड्रग्स) लेने के चलते भारत में खेली गई चैंपियंस ट्रोफी से पहले बैन लगा था. इसके अलावा यह पूर्व तेज गेंदबाज अपने करियर में अपनी स्पीडगन के साथ-साथ चोटों और विवादों में भी खूब घिरा रहा. क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज गेंद फेंकने का कारनामा भी उन्ही के नाम दर्ज है. अख्तर ने 2003 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ न्यूलैंड्स के मैदान पर 161.3kph की स्पीड से बॉल फेंकी थी.